• About
  • Advertise
  • Contact
Wednesday, July 15, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home अन्य राज्य

क्या डीके शिवकुमार के बाद यूपी के इस नेता की खुलेगी किस्मत?

up80.online by up80.online
May 30, 2026
in अन्य राज्य, देश, बड़ी खबर, यूपी, राजनीति
0
DK Shivkumar

कर्नाटक के नए सीएम होंगे डीके शिवकुमार

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

कर्नाटक के नए मुखिया डीके शिवकुमार

सत्येंद्र पीएस, नई दिल्ली

सिद्धारमैया अति पिछड़ी कुरुबा जाति के नेता हैं. अगर उत्तर भारत की जाति से तुलना करें तो पशुपालक जाति के हैं। साल 2013 में कांग्रेस की चुनावी जीत के बाद जब वह मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने पिछड़ी जातियों, अल्पसंख्यकों और दलितों के सामाजिक गठबंधन’ अहिंदा’ को आगे बढ़ाया, जो पारंपरिक रूप से शक्तिशाली वोक्कालिगा और लिंगायत जातियों के दबदबे को चुनौती देने के लिए बनाया गया था।

डीके शिवकुमार
सीएम सिद्धारमैया से गले मिलते हुए डीके शिवकुमार (फाइल फोटो)

जब 2017 का विधानसभा चुनाव हुआ तो कांग्रेस की बैंड बज गई। भाजपा के लिंगायत नेता बीएस येदियुरप्पा और वोक्कालिगा नेता एच डी देवगौड़ा ने कांग्रेस को पटखनी दे दी। भाजपा और देवगौड़ा की पार्टी ने मिलकर सरकार चलाई।

कर्नाटक में साल 2023 के विधानसभा चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे और डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस ने जीत हासिल की। भाजपा में बीएस येदियुरप्पा जैसे कद्दावर स्थानीय नेता और बीएल संतोष जैसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जुड़े प्रखर राजनीतिज्ञ थे, फिर भी, कांग्रेस को 135 सीटें मिलीं. यहां तक कि एचडी देवगौड़ा का परोक्ष साथ भी भाजपा को सत्ता नहीं दिला सका।

चुनावी जीत की सारी मेहनत डीके शिवकुमार ने की, यहां तक कि जरूरी संसाधन भी उन्होंने जुटाए, लेकिन मुख्यमंत्री पद की दावेदारी में बाजी सिद्धारमैया के हाथों में लगी। इसे कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की मूर्खता कहें या एक ताकतवर नेता को किनारे लगाने की धूर्तता, कांग्रेस ने यह माना कि सिद्धरमैया के अहिन्दा फार्मूले की जीत हुई।

राज्य की जनता का आक्रोश भी दिखा। कर्नाटक में 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल 28 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी  ने 17 सीटें, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 9 सीटें और जनता दल सेक्युलर ने 2 सीटें जीत।

त्रिकोणीय लडाई में जहां कांग्रेस को क्लीन स्वीप करना चाहिए था, काग्रेस की बैंड बज गई। जब विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीके को दरकिनार किया था, तभी मैंने कहा था कि कांग्रेस अपनी कब्र खोदकर खुद उसमें दफन हो जाने की आदती है। जनता उसे कब्र से निकालकर सत्ता में लाती है और फिर वह अपनी कब्र खोदकर उसमें सो जाती है.

अब डीके शिवकुमार को कांग्रेस आलकमान ने मुख्यमन्त्री बनाने का फैसला किया है। शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय के है, जो वृहदतर कुर्मी जाति में आती है। वोक्कालिगा में कुछ को obc आरक्षण मिलता है, कुछ को नहीं।

लालू प्रसाद ने देवगौड़ा के प्रधानमत्री बनने को लेकर एक बार बयान दिया था कि हमने देश में पहली बार कुर्मी प्रधानमन्त्री बनवाया था। यह वोक्कालिगा की राजनीतिक ताकत है।

डीके शिवकुमार जनता की नाराजगी संभाल पाएंगे या नहीं, कह पाना अभी संभव नहीं है। मुझे बार बार यूपी का 2009 का लोकसभा चुनाव याद आता है जब बेनी प्रसाद वर्मा ने धुआँधार कांग्रेस का प्रचार करके सारी कुर्मी बहुल सीट जिता दी। आश्चर्यजनक रूप से कांग्रेस को 21 लोकसभा सीटों पर जीत मिली. कांग्रेस ने खबर प्लान कराई कि जहाँ-जहाँ राहुल देवता के चरण पड़े, वहाँ कांग्रेस जीत गई। जबकि यूपी में बेनी वर्मा और अर्जुन सिंह के फैसले ने कांग्रेस को बढ़त दिलाई थी। कांग्रेस इतने पर नहीं रुकी। जब केंद्र में कांग्रेस सरकार बनी तो बेनी वर्मा को संचार राज्य मन्त्री बनाया गया, जो उसी मन्त्रालय में कैबिनेट मन्त्री रह चुके थे। और अर्जुन सिंह की तो राजनीति ही खत्म कर दी गई थी।

जब 2012 में यूपी में विधानसभा चुनाव हुआ तो बेनी वर्मा को कैबिनेट मंत्री के रूप मे प्रमोट किया गया… लेकिन जब वह यूपी में चुनाव प्रचार करने गए तो जनता उन्हे गालियाँ देती थी कि कांग्रेस ने इनको कितना बेइज्जत किया!

लोग सपा के पक्ष में आ गए और कांग्रेस का 3 साल बाद ही यूपी से नामोनिशान मिट गया। बेनी वर्मा पुनः सपा मे आ गए, यही जनता का दबाव था। ऐसे में आलाकमान से बेइज्जत हो चुके शिवकुमार पब्लिक को कितना संभाल पाएंगे, यह अभी परीक्षण होना है।

कांग्रेस के इस बदलाव का भाजपा पर असर जरूर दिख सकता है। बिहार में नीतीश कुमार को धकियाकर ओबीसी वर्ग का आक्रोश झेल रही पब्लिक को संभालने के लिए बिहार में यादवों को खलनायक बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं सूझ रहा है। इससे मामला संभलता दिख भी नही रहा है।

ऐसे मे अगर यूपी में पंकज चौधरी की किस्मत चमक जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

भाजपा को अभी जनता की नब्ज की पकड़ है, वह कांग्रेस की तरह झंडू बाम राजनीति नहीं करती कि आरपीएन सिंह के एक छोटे से प्यादे  लल्लू के दम पर यूपी फतह करने निकल जाए। उसे पता है कि यूपी मे 2024 चुनाव मे कैसे और क्यों उसकी बैंड बजी थी। वह यूपी में सत्ता परिवर्तन में केवल यह आजमा रही है कि ओबीसी साधने पर ज्यादा लाभ है या योगी के हिंदुत्व से? यूपी में नीतिगत पंगुता, दलितो पिछड़ों पर अत्याचार, आरक्षण की लूट, अधिकारियों की निरंकुशता जैसे मसलों से भाजपा जूझ रही है।

भाजपा को यह भी पता है कि पंकज चौधरी को अध्यक्ष बनाकर जो प्याले में तूफान लाने की कवायद हुई थी, उसकी बैंड बज चुकी है। शिवकुमार के मुख्यमन्त्री बनने के बाद पंकज चौधरी से केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा ले लिया जाए और वह  यूपी के मुख्यमन्त्री बन  जाएं तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है..

पढ़ते रहिए यूपी80 न्यूज: खनन कार्य में लापरवाही, 7 अधिकारियों पर एक्शन

पढ़ते रहिए कैसे पहुंचे अयोध्या, बस, ट्रेन, टैक्सी अथवा फ्लाइट

बेल्थरा रोड
St Xavier’s School, Belthra Road
Previous Post

लखनऊ में 31 मई को होगा “अर्जक संघ” का कार्यक्रम

Next Post

पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

up80.online

up80.online

Related Posts

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह
यूपी

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

July 5, 2026
Apna Dal
यूपी

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

July 3, 2026
Dr.Sonelal Patel
बड़ी खबर

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

July 2, 2026
Next Post
पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

कुर्मी महासभा के पदाधिकारियों ने गार्गी पटेल से मुलाकात की

कुर्मी महासभा के पदाधिकारियों ने गार्गी पटेल से मुलाकात की

ADS

अनुप्रिया पटेल ने कहा- जनसंपर्क अभियान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं

Recommended

दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

2 weeks ago
वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

3 years ago
नंदी

मंत्री नंद गोपाल नंदी को एससी-एसटी मामले में एक साल की सजा

3 years ago
Dr.Sonelal Patel

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

2 weeks ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में उठा 68500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

क्या डीके शिवकुमार के बाद यूपी के इस नेता की खुलेगी किस्मत?

झुका नगर निगम, सपा पार्षद को दिलाई शपथ

Trending

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह
यूपी

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

by up80.online
July 5, 2026
0

आर्यन ने नर्सरी से 12वीं तक एक ही स्कूल में की पढ़ाई यूपी, 80 न्यूज़, चंदौली किसी...

Apna Dal

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

July 3, 2026
Dr.Sonelal Patel

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

July 2, 2026
दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

June 30, 2026
वीपी सिंह को क्यों याद करे?

वीपी सिंह को क्यों याद करे?

June 25, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

वीपी सिंह को क्यों याद करे?

“आजादी के क्रांति युगल” पुस्तक में पढ़िये डॉ गया प्रसाद कटियार के संघर्षों की कहानी

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online