• About
  • Advertise
  • Contact
Monday, July 20, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home बड़ी खबर

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

up80.online by up80.online
July 2, 2026
in बड़ी खबर, यूपी, राजनीति
0
Dr.Sonelal Patel

Dr.Sonelal Patel, Founder of Apna Dal

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

न एमपी न एमएलए, फिर भी,,,

डॉ अनूप पटेल, लखनऊ

कुछ लीडर चुनाव जीतने के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक विमर्श बदल देने के कारण इतिहास में दर्ज होते हैं। डॉ. सोनेलाल पटेल ऐसे ही लीडर थे। वे न कभी मुख्यमंत्री बने, न सांसद और न ही विधायक, लेकिन उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति मे मजबूत दखल दिया।

Apna Dal
डॉ. सोनेलाल पटेल

आज भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस यदि सभी गैर-यादव पिछड़ी जातियों को अपने राजनीतिक समीकरण का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते है, और अन्य समाजों के दल स्थापित हुये तो उसके पीछे डॉ. सोनेलाल पटेल की राजनीतिक यात्रा का बड़ा योगदान है।

डा. सोनेलाल सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व, सम्मान और सत्ता में साझेदारी की राजनीति के पक्षधर थे। उनका मानना था कि लोकतंत्र केवल मतदान का अधिकार नहीं, बल्कि सत्ता संरचना में समान भागीदारी का भी नाम है। यही विचार उन्हें चौधरी चरण सिंह से कांशीराम तक और फिर बहुजन समाज पार्टी से अपना दल की स्थापना तक लेकर गया।
सोने लाल पटेल का जन्म 2 जुलाई 1950 को कन्नौज जिले के बागुलहाई गांव में हुआ था। उन्होंने कानपुर के पंडित पृथ्वीनाथ कॉलेज से एमएससी की उपाधि प्राप्त की और कानपुर विश्वविद्यालय से भौतिकी में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की. युवावस्था ही वे समाज में प्रचलित जातिवाद और सामाजिक असमानता के मुखर आलोचक थे। राजनीतिक जीवन की शुरुआत सोनेलाल ने किसान नेता चौधरी चरण सिंह के प्रभाव में की। 1970 और 1980 के दशक में वे सामाजिक असमानता और जातीय भेदभाव के विरुद्ध आंदोलनों में सक्रिय रहे। इसी दौरान उनका परिचय कांशीराम से हुआ, जो उत्तर भारत में बहुजन आंदोलन का संगठन खड़ा कर रहे थे।
डॉ. सोनेलाल पटेल बहुजन समाज पार्टी के संस्थापकों में माने जाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कानपुर और मध्य उत्तर प्रदेश में पार्टी के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे मानते थे कि दलित और पिछड़े वर्ग यदि साथ आएँ, तो उत्तर प्रदेश की सत्ता संरचना बदल सकती है। वर्ष 1995 में बहुजन राजनीति के लिए निर्णायक वर्ष था। कांशीराम द्वारा मायावती को केंद्रीय नेतृत्व सौंपे जाने के बाद कई वरिष्ठ नेताओं में असंतोष बढ़ा। सोनेलाल पटेल ने कांशीराम से किसान वर्ग के जातियों को नेतृत्व देने को कहा तो कांशीराम ने कहा था – ‘कुर्मी मेहनती कौम है लेकिन नेतृत्व नहीं कर सकती।’
सोनेलाल को भारी आघात लगा। डॉ. सोनेलाल पटेल का मानना था कि पार्टी में निर्णय लेने की प्रक्रिया अत्यधिक केंद्रीकृत होती जा रही है और पिछड़ी जातियो को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा। यह केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं था। यह बहुजन राजनीति के भीतर प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर उभरा वैचारिक विवाद भी था। क्या दलित–पिछड़ा गठबंधन में दोनों की बराबर हिस्सेदारी होगी, या नेतृत्व सीमित हाथों में केंद्रित रहेगा? यह सवाल आज भी विद्यमान है?
वर्ष 1995 में लखनऊ में आयोजित कुर्मी स्वाभिमान रैली उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मोड़ साबित हुई। यह केवल जातीय सम्मेलन नहीं था; यह राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सार्वजनिक घोषणा थी। रैली का संदेश स्पष्ट था कि कुर्मी समाज केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि सत्ता का भागीदार बनेगा। इसी अभियान के बाद डॉ. सोनेलाल पटेल ने बसपा से अलग होकर 4 नवंबर 1995 को अपना दल की स्थापना की। डॉ. सोनेलाल पटेल पर डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का गहरा प्रभाव था। उन्होंने बौद्ध दर्शन को समानता, तर्कशीलता और जाति-विरोध का मार्ग माना। उन्होंने बौद्ध धर्म को केवल धार्मिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम माना। सोनेलाल ने बौद्ध धर्म अपनाया भी।
उनके जीते जी अपना दल को कोई खास सफलता नहीं मिली । 4-5 विधायक आ जाते थे, खुद कभी विधायक-सांसद नहीं बन पायें। सोनेलाल के बढ़ते राजनैतिक रसूख से विधानसभा मे चुनावी गणित बनने- बिगड़ने लगे थे. अपना दल की वजह से दूसरे दलों के कुर्मी प्रत्याशी हारने लगे थे। लेकिन अपना दल का जोर बढ़ता गया. 18 अक्टूबर 2009 को कानपुर के निकट एक सड़क दुर्घटना में सोनेलाल की मृत्यु हुई। आधिकारिक रिकॉर्ड इसे सड़क दुर्घटना मानते हैं। बाद में परिवार के कुछ सदस्यों ने CBI जांच की मांग की और संदेह व्यक्त किया, इसे लेकर अभी तक कोई जांच नहीं हुई ।
डॉ. सोनेलाल पटेल ने स्वयं भाजपा के साथ स्थायी राजनीतिक गठबंधन नहीं किया। हां, उनके निधन के बाद पार्टी का नेतृत्व उनकी पत्नी कृष्णा पटेल और फिर उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल के हाथों में आया। 2014 में अपना दल ने भाजपा के साथ गठबंधन किया। इस गठबंधन ने भाजपा को पूर्वांचल और गैर-यादव OBC समाज में मजबूत आधार दिया। अपना दल को राष्ट्रीय सत्ता में भागीदारी मिली। इस तरह से सोनेलाल के सपनों का दल परिवारवादी नेतृत्व की भेंट चढ़ गया।
सोनेलाल की दो बेटियाँ अभी राजनीति मे है हालांकि दोनों के राजनैतिक रास्ते अलग-अलग है। एक बेटी अनुप्रिया पटेल की राजनीति भाजपा-नीत NDA के साथ सत्ता में भागीदारी और गैर-यादव OBC प्रतिनिधित्व पर आधारित है। वहीं पल्लवी पटेल सामाजिक न्याय की परंपरागत राजनीति को विपक्षी गठबंधन सपा के साथ हैं। उन्होंने 2022 में सिराथू से तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को हराकर अपना जलवा कायम किया है।
बहरहाल.. आज भाजपा की सामाजिक इंजीनियरिंग, समाजवादी पार्टी की PDA रणनीति और बहुजन राजनीति के नए प्रयोग सभी में गैर-यादव पिछड़ों की निर्णायक भूमिका दिखाई देती है, इसमे सोनेलाल का प्रमुख योगदान है।
डा. सोनेलाल पटेल जी की जन्म-जयंती पर नमन।

ओबीसी महासभा
डॉ.अनूप पटेल
Previous Post

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

Next Post

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

up80.online

up80.online

Related Posts

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड
देश

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

July 19, 2026
योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल
यूपी

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

July 18, 2026
सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह
यूपी

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

July 5, 2026
Next Post
Apna Dal

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

Recommended

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

2 days ago
ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

1 day ago
दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

3 weeks ago
वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

3 years ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में उठा 68500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

क्या डीके शिवकुमार के बाद यूपी के इस नेता की खुलेगी किस्मत?

झुका नगर निगम, सपा पार्षद को दिलाई शपथ

Trending

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड
देश

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

by up80.online
July 19, 2026
0

यूपी 80 न्यूज़, लखनऊ पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन इलेक्शन की अभिनव पहल के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी...

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

July 18, 2026
सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

July 5, 2026
Apna Dal

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

July 3, 2026
Dr.Sonelal Patel

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

July 2, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online