• About
  • Advertise
  • Contact
Monday, November 2, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home यूपी

मायावती के बाद अब अखिलेश यादव ने भी ठाकुरों से किया किनारा

up80.online by up80.online
July 13, 2019
in यूपी, राजनीति
0
सपा-बसपा गठबंधन टूट गया

मायावती ने गठबंधन को बाॅय बॉय बोला

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

गठबंधन ने मात्र 4 ठाकुरों को दिया टिकट

लखनऊ / बलिया

बसपा से गठबंधन के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कुछ बदले- बदले से है। मायावती के बाद अब अखिलेश यादव ने भी ठाकुर नेताओं से किनारा कर लिया है। लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी ने महज दो ठाकुरों को टिकट दिया है, जबकि बसपा ने मात्र एक और राष्ट्रीय लोकदल ने भी एक ठाकुर प्रत्याशी पर ही भरोसा जताया है। अर्थात कल तक जिस समाजवादी पार्टी में यादव और मुस्लिम के बाद जिन ठाकुर नेताओं को सर्वाधिक तवज्जो दिया जाता था, अब सपा उनसे दूर हो रही है। उधर, बसपा ने आठ ब्राह्मण और सपा ने दो ब्राह्मण प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।

यह भी पढ़िए: सत्ता में आने पर कोल भाइयों को मिलेगा अनुसूचित जनजाति का दर्जा: प्रियंका गांधी

ठाकुरों से समाजवादी पार्टी की बढ़ती दूरी पर नजर डालें तो ऐसा प्रतीत होता है कि इसकी पटकथा पिछले साल राज्यसभा चुनाव के समय ही लिख दी गई थी, जब सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया ने बसपा प्रत्याशी की बजाय भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट दिया।

2007 से शुरू हुई गोलबंदी:

बता दें कि समाजवादी पार्टी में अमर सिंह की एंट्री और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से मुलायम सिंह की नजदीकी की वजह से सपा में ठाकुर नेताओं को शुरू से महत्व मिलता रहा। मुलायम सिंह ने यादव, मुस्लिम नेताओं के अलावा ठाकुर नेताओं को भी खूब तरजीह दी और हर बार अपने मंत्रिमंडल में ठाकुर नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

2007 में सत्ता में आने से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुलायम सिंह के जवाब में ब्राह्मण कार्ड खेला और चुनाव में काफी तादाद में ब्राह्मणों को टिकट दिया। 2007 में हुई बंपर जीत के बाद मायावती ने अपने कैबिनेट में सर्वाधिक मंत्री के तौर पर ब्राह्मणों को तरजीह दी।

2017  की हार के बाद करीब आईं सपा, बसपा और आरएलडी:

वैसे तो 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और आरएलडी को बुरी तरह से पराजय का सामना करना पड़ा। सपा को महज 5 सीटें और बसपा- आरएलडी को शून्य सीटें मिलीं।

यह भी पढ़िए: गरीबों, मजलूमों के लिए संत थे ददुआ: हार्दिक पटेल

2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी सपा- बसपा और आरएलडी की करारी हार हुई। जिसकी वजह से अपने अस्तित्व को बचाने के लिए तीनों पार्टियों को करीब आना पड़ा। इस गठबंधन ने सबसे पहले मार्च 2018 में फूलपुर, गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों को करारी शिकस्त देने के बाद देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद कैराना में हुए उपचुनाव में भी गठबंधन को जीत हासिल हुई।

राज्यसभा चुनाव ने राजा भैया और अखिलेश यादव के बीच बढ़ाई दूरियां:

पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान बसपा के विधायकों ने सपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट किया। इसके विपरीत बसपा उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को अखिलेश यादव के करीबी एवं ठाकुरों के बीच काफी लोकप्रिय कुंडा विधायक राजा भैया ने वोट नहीं दिया। राजा भैया ने अंबेडकर के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी को वोट दिया। तत्पश्चात मायावती ने नाराजगी जताई थी और कहा था कि अखिलेश यादव की जगह यदि वह रहती तो सबसे पहले बसपा उम्मीदवार को जिताने का कार्य करती। उन्होंने राजा भैया की आलोचना भी की थी। इसके बाद अखिलेश यादव एवं राजा भैया के बीच कड़वाहट और अधिक बढ़ गई।

योगी फैक्टर से नाराज ब्राह्मणों को अपने पाले में लाने की कोशिश:

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के चुनाव के बाद योगी आदित्यनाथ (प्रारंभिक नाम अजय सिंह बिष्ट) को मुख्यमंत्री बनाया गया और कैबिनेट में सर्वाधिक ठाकुर विधायकों को तरजीह दी गई। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ पर नौकरशाही में ठाकुर अधिकारियों को ज्यादा तवज्जो देने का भी आरोप लगता रहा है। ऐसी स्थिति में ब्राह्मण खुद को ठगा महसूस करने लगें। हालांकि बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने ब्राह्मणों को खुश करने के लिए काफी कोशिश की। कैबिनेट के अलावा मुख्य सचिव और कई आयोगों में ब्राह्मण अधिकारियों और नेताओं को शामिल किया गया, लेकिन ऐसा लगता है कि अभी भी ब्राह्मण वर्ग भाजपा से नाराज है।

यह भी पढ़िए: भाजपा को हराना हमारा एकमात्र लक्ष्य: ओमप्रकाश राजभर

भाजपा से ब्राह्माणों की नाराजगी को भुनाने के लिए बसपा सुप्रीमों ने काफी तादाद में ब्राह्मण वर्ग के नेताओं को टिकट दिया है। दूसरी ओर, पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पैतृक क्षेत्र बलिया से चंद्रशेखर के पुत्र की जगह ब्राह्मण प्रत्याशी सनातन पांडेय को टिकट दिया है। इसकी वजह से पूर्वांचल में सपा के प्रति ठाकुरों में गहरी नाराजगी है।

अब 23 मई को देखना है कि बसपा सु्प्रीमो का ब्राह्मण कार्ड कितना सफल होता है और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ठाकुरों से दूरी कितनी कारगर साबित होती है।

बसपा के ब्राह्मण प्रत्याशी: 8

बसपा के ठाकुर प्रत्याशी : 1 (सुल्तानपुर)

सपा के ब्राह्मण प्रत्याशी : 2

सपा के ठाकुर प्रत्याशी : 2

आरएलडी के ठाकुर प्रत्याशी : 1 (मथुरा)

 

Previous Post

पेंशन पंजीकरण के लिए श्रमिकों को जागरूक करे प्रबुद्ध वर्ग : अनुप्रिया पटेल 

Next Post

मिर्जापुर रेलवे स्टेशन की तरह अन्य  स्टेशनों का भी होगा सौंदर्यीकरण: अनुप्रिया पटेल

up80.online

up80.online

Related Posts

ओबीसी महासभा
अन्य राज्य

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

October 28, 2026
BJP
यूपी

क्या इस बार भी गोरखपुर-आजमगढ़ मंडल के पटेल होंगे नजरअंदाज

October 1, 2026
संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े
बड़ी खबर

संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

September 19, 2026
Next Post
मिर्जापुर रेलवे स्टेशन की तरह अन्य  स्टेशनों का भी होगा सौंदर्यीकरण: अनुप्रिया पटेल

मिर्जापुर रेलवे स्टेशन की तरह अन्य  स्टेशनों का भी होगा सौंदर्यीकरण: अनुप्रिया पटेल

अनुप्रिया पटेल को आवंटित हुआ चुनाव चिन्ह् ‘कप-प्लेट’

अनुप्रिया पटेल को आवंटित हुआ चुनाव चिन्ह् 'कप-प्लेट'

अखिलेश यादव ने राजा भैया को दी धमकी, ‘ठोकीदार के जाने के बाद धमकीदार कहीं के नहीं रहेंगे’

अखिलेश यादव ने राजा भैया को दी धमकी, ‘ठोकीदार के जाने के बाद धमकीदार कहीं के नहीं रहेंगे’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ओबीसी महासभा

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

5 days ago
Patel

वो यदुनाथ सिंह ही थे, जिन्होंने मुलायम सिंह यादव से कभी माइक छीन लिया था,,

6 years ago
दीपशिखा सिंह

मऊ जनपद की बेटी दीपशिखा सिंह बनीं बिल्थरारोड की एसडीएम

4 years ago
Sardar Patel National Integration Award

सरदार पटेल ने क्यों कहा था, “किसान को सिर ऊंचा करके चलने वाला बना दूं। इतना करके मरूंगा तो जीवन सफल समझूंगा।” ?

7 years ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

अयोध्या विकास प्राधिकरण के ओएसडी वाराणसी का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

आजम खान के खिलाफ मुकदमे लड़ रहे 6 शासकीय अधिवक्ताओं की सेवा समाप्त

Trending

ओबीसी महासभा
अन्य राज्य

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

by up80.online
October 28, 2026
0

अशासकीय विद्यालयों में आरक्षण की अनदेखी पर ओबीसी महासभा ने उठाए सवाल यूपी80 न्यूज, लखनऊ ओबीसी महासभा...

BJP

क्या इस बार भी गोरखपुर-आजमगढ़ मंडल के पटेल होंगे नजरअंदाज

October 1, 2026
संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

September 19, 2026
ब्रजेश पाठक और उनकी पत्नी नम्रता पाठक

जीजाजी मत होइए नाराज, मैं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हूं

September 1, 2026
Uttar Pradesh

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

August 13, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

क्या इस बार भी गोरखपुर-आजमगढ़ मंडल के पटेल होंगे नजरअंदाज

संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

जीजाजी मत होइए नाराज, मैं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हूं

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online