• About
  • Advertise
  • Contact
Sunday, June 14, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home देश

बांग्लादेश के गठन में प्रबण दा का रहा महत्वपूर्ण योगदान

up80.online by up80.online
September 2, 2020
in देश, बड़ी खबर
0
Pranab Mukharji

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

15 जून 1971 को बजट सत्र के दौरान प्रणब मुखर्जी Pranab Mukharji ने बांग्लादेश Bangladesh की सरकार को डिप्लोमेटिक मान्यता देने की बात रखी, विदेशी समर्थन के लिए यूके व जर्मनी गए

बलिराम सिंह, नई दिल्ली

बांग्लादेश के गठन Formation of Bangladesh में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी PM Indira Gandhi के साथ-साथ उनके सहयोगी एवं विश्वास पात्र रहे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी Ex President Pranab Mukharji का भी विशेष योगदान रहा। 15 जून 1971 में बजट सत्र के दौरान प्रणब मुखर्जी ने ही संसद में अपनी बात रखते हुए सुझाव दिया था कि भारत को, बांग्लादेश की सरकार को डिप्लोमेटिक मान्यता दे देनी चाहिए, जो इस समय मुजीबनगर में निर्वासित है।

बता दें कि 1947 आजादी के साथ ही भारत को बंटवारा का दंश झेलना पड़ा। बंटवारा के बाद पूर्वी बांग्लादेश भी पाकिस्तान के अंतर्गत चला गया। लेकिन पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिम पाकिस्तान में अत्यधिक दूरी एवं बोल-चाल की भाषा में भिन्नता की वजह से अनेक व्यावहारिक दिक्कतें पैदा हो रही थीं। 1971 आते-आते समस्याएं अत्यधिक गंभीर हो गईं। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अपनी प्रसिद्ध पुस्तक ‘इंदिरा गांधी का प्रभावशाली दशक’ में उल्लेख करते हैं कि पूर्वी पाकिस्तान में मानवाधिकारों का भारी मात्रा में हनन हुआ, भयंकर व नृशंस तथा सामूहिक बलात्कार के मामले  सामने आए, जिसके फलस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान के 10 लाख से अधिक लोगों ने पड़ोसी देश भारत में शरण ली। इन शरणार्थियों के लिए शिविरों तथा उनकी व्यवस्था के निर्माण पर जो व्यय आ रहा था, भारतीय संसाधनों को देखते हुए, वह अपने-आप में बहुत अधिक था। त्रिपुरा में लाखों की संख्या में आए शरणार्थियों के कारण वहां के जटिल जनजातीय राजनीतिक तंत्र की आंतरिक स्थिरता को खतरा पैदा हो गया था, क्योंकि कबीलाई व गैर कबीलाई जनसंख्या के अनुपात में भारी अंतर आ गया था। इस तरह इन इलाकों में नई तरह की समस्याओं ने सिर उठा लिया था।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 30 मार्च को दोनों सदनों में पूर्वी पाकिस्तान की घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा:

‘पूर्वी बंगाल के लोग प्रजातांत्रिक जीवन के लिए जो संघर्ष कर रहे हैं, यह सदन उनके प्रति गहन सहानुभूति व पूर्ण एकता का प्रदर्शन करता है।भारत शांति के प्रति जो स्थायी हित रखता है, उन्हें ध्यान में रखते हुए हम मानव अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध हैं। यह सदन चाहता है कि उन निहत्थे लोगों पर किए जा रहे बल प्रयोग को तुरंत बंद किया जाए।‘ 15 जून 1971 में बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा,

‘भारत को, बांग्लादेश की सरकार को  डिप्लोमेटिक मान्यता दे देनी चाहिए, जो इस समय मुजीबनगर में निर्वासित है।’ एक सदस्य द्वारा इस समस्या का समाधान के बारे में सवाल किए जाने पर प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘मैं एक राजनीतिक समाधान की बात कर रहा हूं, जिसका अर्थ होगा कि बांग्लादेश की स्वायत्त प्रजातांत्रिक सरकार को स्पष्ट रूप से मान्यता प्रदान की जाए। राजनीतिक समाधान का अर्थ होगा, बांग्लादेश की स्वतंत्र व प्रजातांत्रिक सरकार को भौतिक सहायता प्रदान करना।’

विदेशी समर्थन के लिए किए गए प्रयास:

प्रणब मुखर्जी अपनी पुस्तक में लिखते हैं कि भारत तथा संसद से मिले प्रोत्साहन के बावजूद इंदिरा गांधी पश्चिमी यूरोप तथा यूएसए के दौरे पर रवाना हो गईं, ताकि इस काम के लिए वैश्विक मत को पुष्ट किया जा सके। विदेश मंत्री स्वर्ण सिंह एवं अन्य अनेक कैबिनेट मंत्रियों और आदरणीय ‘स्वतंत्र’ जयप्रकाश नारायण ने पूर्वी तथा पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका व एशियाई देशों में मिशन का नेतृत्व किया और इस तरह एक गहन डिप्लोमेटिक अभियान चलाया गया। इसके अलावा इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की 59वीं कांफ्रेंस में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में खुद प्रणब मुखर्जी को (2 से 10 सितंबर 1971) विदेश भेजा गया। इसी के तहत प्रणब मुखर्जी को यूके और फेडरल रिपब्लिक ऑफ जर्मनी भी भेजा गया।

13 दिन चला युद्ध:

3 दिसंबर, 1971 को सूर्यास्त के समय पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ हवाई हमले आरंभ कर दिए और इसी के साथ भारत-पाक के बीच 13 दिवसीय युद्ध आरंभ हुआ, पाकिस्तान को भारतीय सेना और बांग्लादेश की मुक्तिवाहिनी के संयुक्त मोर्चे से लड़ना पड़ा। यह युद्ध बड़ी तेज गति से जीत लिया गया। ढाका के रेसकोर्स मैदान में 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के समर्पण के बाद इंदिरा गांधी ने लोकसभा में घोषणा की:

‘श्रीमान स्पीकर, मेरे पास एक ऐसी घोषणा है, जिसे सुनने के लिए सदन कब से प्रतीक्षारत था। पश्चिमी पाकिस्तान की सेनाओं ने बिना किसी शर्त के बांग्लादेश में हथियार डाल दिए हैं। अब ढाका एक स्वतंत्र देश की स्वतंत्र राजधानी है।’

Previous Post

कोरोना काल में भी देश की अर्थव्यवस्था को थामे रखा किसान

Next Post

क्या योगी सरकार जातिवादी है? AAP करा रही है सर्वे

up80.online

up80.online

Related Posts

Election
बड़ी खबर

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

June 14, 2026
उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल
अन्य राज्य

उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल

June 12, 2026
भानू प्रताप सिंह
बड़ी खबर

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

June 8, 2026
Next Post
Yogi Govt

क्या योगी सरकार जातिवादी है? AAP करा रही है सर्वे

Mau

बुनकरों की हड़ताल समाप्त, जुलाई तक पासबुक से ही जमा होगी विद्युत धनराशि

बेरोजगारी

#5Sep5Baje बेरोज़गार युवा ताली, थाली बजाकर सरकार को जगाएंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल

उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल

2 days ago
भानू प्रताप सिंह

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

6 days ago
Indian Train

पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे ने चलाईं तीन जोड़ी विशेष ट्रेनें

1 week ago
uppsc topper Anju Katiyar

अंजू कटियार के बारे में ये भी जानिए, फिर फैसला कीजिए,,

7 years ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

क्या डीके शिवकुमार के बाद यूपी के इस नेता की खुलेगी किस्मत?

झुका नगर निगम, सपा पार्षद को दिलाई शपथ

गंगोत्री से गंगा सागर तक खिला कमल

सोनभद्र: खनन कार्य में लापरवाही, 7 अधिकारियों पर एक्शन

“शिक्षा का अधिकार” लिखे बैग जलाने से मचा हड़कंप

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

Trending

Election
बड़ी खबर

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

by up80.online
June 14, 2026
0

जनगणना के दूसरे चरण से पहले चुनाव संपन्न कराने की तैयारी बलिराम सिंह, लखनऊ उत्तर प्रदेश में...

उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल

उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल

June 12, 2026
भानू प्रताप सिंह

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

June 8, 2026
Indian Train

पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे ने चलाईं तीन जोड़ी विशेष ट्रेनें

June 6, 2026
बलिया रेलवे स्टेशन

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बलिया रेलवे स्टेशन का हुआ गहन निरीक्षण

June 5, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

उपजातियों के भेदों को छोड़कर ‘पटेल’ नाम के सूत्र में बंधें समाज- आरबी सिंह पटेल

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे ने चलाईं तीन जोड़ी विशेष ट्रेनें

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बलिया रेलवे स्टेशन का हुआ गहन निरीक्षण

बेल्थरा रोड में आज जीएसटी संगोष्ठी, व्यापारी रख सकेंगे अपनी समस्याएं

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online