आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह का जन्म दिवस है
डॉ अनूप पटेल, लखनऊ
वीपी सिंह ने अपने कार्यकाल में भारत के नक़्शे को ही बदल दिया था। सरदार पटेल ने भारतीय राज्य का निर्माण किया तो बाबा साहेब ने देश को संविधान दिया और देश के ST/SC को वाजिब प्रतिनिधित्व की व्यवस्था करके गए। वहीँ वीपी सिंह ने देश के सबसे बड़े आबादी समूह OBC को सामाजिक- शैक्षणिक क्षेत्र में ‘विशेष अवसर’ दिया। वीपी सिंह का कार्यकाल 1 वर्ष से भी कम रहा, लेकिन उनका एक साल पूर्व के 40 सालों से बीस साबित हुआ।
वीपी सिंह ने मंडल कमीशन को लागू किया। बाबा साहेब आंबेडकर और नेल्सन मंडेला को भारत रत्न दिया गया। गरीबों को बीपीएल कार्ड देने की शुरुआत की गयी। मोहम्मद साहब के जन्मदिन का राष्ट्रीय अवकाश घोषित हुआ। किसानों के लिये खाद और सिंचाई के लिये विशेष योजनाये बनी। जब वो प्रधानमंत्री नहीं भी रहे तो भी किसानों के लिये लड़ाई लड़ते रहे और किसान मंच के माध्यम से दादरी संघर्ष बहुत व्यापक रहा।
वीपी सिंह वास्तव में एक दार्शनिक राजा हुये। छत्रपति शाहू जी महाराज की भाँति सिंह साहब भी राजपरिवार में जन्म लिया था, लेकिन गरीब-पिछड़े समाज के दर्द को पहचाना और एक फ़कीर की भांति इन वर्गों की सेवा की।
आज मण्डल कमीशन के बाद OBC समुदाय राजनैतिक रूप से काफी सबल हुआ है, लेकिन अफ़सोस होता है कि अपने पुरखे तक को याद नहीं कर पा रहा है। जो समाज इतिहास की कद्र नहीं करता उसका कोई भविष्य नहीं होता।
एक बात और, फेसबुक में पहले किसी की प्रोफाइल में वीपी सिंह की फोटो या पोस्ट दिखती थी, वो लगभग OBC समुदाय के लोग ही होते थे। लेकिन अब राजपूत समाज के लोग भी वीपी सिंह को सम्मान देना शुरू किया है। सन 1990 की गलती पर अफसोस जाहिर कर रहे है। अन्य सवर्ण वीपी सिंह को आज भी स्वीकार नहीं पाए है। ऐसे कैसे चलेगा भाई।
कोई बात नहीं बाबा साहेब को अब जा के सामाजिक स्वीकृति मिली है, अब वीपी सिंह का भी दौर आ रहा है।
(तस्वीर में दुनिया की दो बड़ी हस्ती : वीपी सिंह और नेल्सन मंडेला)











