• About
  • Advertise
  • Contact
Friday, October 30, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home दिल्ली

कृषि बिल: बीजेपी की 22 साल पुरानी सहयोगी अकाली दल एनडीए से हुई दूर

up80.online by up80.online
September 26, 2020
in दिल्ली, देश, बड़ी खबर, यूपी, राजनीति
0
farmers

अकाली दल ने एनडीए छोड़ा

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

बिखरता जा रहा है एनडीए NDA का कुनबा; शिवसेना Shivsena, आजसू Ajsu के बाद अब अकाली दल ने भी एनडीए को अलविदा कहा

यूपी80 न्यूज, नई दिल्ली

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए NDA ) का कुनबा लगातार बिखरता जा रहा है। कृषि बिलों को लेकर बीजेपी की 22 साल पुरानी सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने एनडीए छोड़ दिया है। अकाली दल Shiromani Akali Dal ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से किसानों के साथ खड़े होने और विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करने का अनुरोध किया है।

मोदी सरकार द्वारा मानसून सत्र के दौरान संसद में लाए गए तीन विवादास्पद कृषि बिल के विरोध में अकाली दल कोटे से केंद्र में मंत्री बनी हरसिमरत कौर बादल Harsimrat Kaur Badal ने पिछले सप्ताह मोदी मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था और अब इसी मुद्दे पर अकाली दल ने शनिवार रात्रि एनडीए को ही छोड़ने की घोषणा कर दी।

अकाली दल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को समाप्त करने की आशंकाओं के चलते कृषि बिलों का विरोध कर रही है। अकाली दल का मानना है कि कृषि क्षेत्र में निजी कंपनियां छोटे और सीमांत किसानों के लिए समस्या पैदा करेंगी। अकाली दल ने यह भी आरोप लगाया है कि पंजाबी और सिख मुद्दों के प्रति मोदी सरकार ने निरंतर असंवेदनशीलता दिखायी।

पढ़ते रहिए www.up80.online कृषि बिलों के खिलाफ किसानों का सफल रहा ‘भारत बंद’ आंदोलन

NDA
Shiromani Akali Dal left NDA

बता दें कि कृषि बिलों के खिलाफ पूरे देश भर में किसान संगठन विरोध कर रहे हैं। 25 सितंबर को देश के विभिन्न हिस्सों में किसान संगठनों ने चक्का जाम एवं विरोध प्रदर्शन के जरिए ‘भारत बंद’ किया। जिसकी वजह से पंजाब और हरियाणा में ट्रेनें रद्द कर दी गईं।

इन तीन विधेयकों का हो रहा है विरोध:

किसान उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक।

किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) मूल्य आश्वासन समझौता और कृषि सेवा विधेयक।

आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक।

सहयोगी पार्टियों का एनडीए से हो रहा है मोहभंग:

ऐसा लग रहा है कि बीजेपी का जैसे-जैसे ग्राफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बीजेपी अपने सहयोगी पार्टियों के हितों को नजरअंदाज कर रही है। इसी वजह से पिछले डेढ़ साल के दौरान कई सहयोगी पार्टियां एनडीए को छोड़ चुकी हैं। 2019 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सहयोगी पार्टी सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी ने एनडीए का साथ छोड़ दिया तो 2019 के अंत में झारखंड में आजसू भी एनडीए से अलग हो गई। इसी तरह बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी शिवसेना भी पिछले साल एनडीए से अलग हो गई थी और अब शिरोमणि अकाली दल ने भी अलग राह पकड़ ली है।

भले ही एक क्षेत्र विशेष में सहयोगी दलों का जनाधार हो, लेकिन इन दलों के दूर होने से बीजेपी संबंधित राज्य की सत्ता से दूर हो गई। जैसे शिवसेना के अलग होने से महाराष्ट्र बीजेपी के हाथों से निकल गया। इसी तरह आजसू के दूर होने से झारखंड की सत्ता भी बीजेपी के पास से चली गई।

पढ़ते रहिए www.up80.online आजसू की दूरी ने बीजेपी की लुटिया डुबाई, सीएम रघुबर दास सहित पांच मंत्री हार गए

पढ़ते रहिए www.up80.online क्यों दरकता जा रहा है एनडीए का कुनबा ?

Previous Post

उपचुनाव: हर सीट है बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण, 3-3 मंत्रियों को दी गई जिम्मेदारी

Next Post

नड्‌डा की टीम में यूपी से 4 ब्राह्मण सहित 12 चेहरे शामिल

up80.online

up80.online

Related Posts

ओबीसी महासभा
अन्य राज्य

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

October 28, 2026
BJP
यूपी

क्या इस बार भी गोरखपुर-आजमगढ़ मंडल के पटेल होंगे नजरअंदाज

October 1, 2026
संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े
बड़ी खबर

संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

September 19, 2026
Next Post
BJP

नड्‌डा की टीम में यूपी से 4 ब्राह्मण सहित 12 चेहरे शामिल

teacher recruitment

69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण के नियमों का हो रहा उल्लंघन

Bhagat Singh

मेरा धर्म केवल देश की सेवा करना है: भगत सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ओबीसी महासभा

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

2 days ago
दीपशिखा सिंह

मऊ जनपद की बेटी दीपशिखा सिंह बनीं बिल्थरारोड की एसडीएम

4 years ago
Hemant Patel

हेमंत पटेल हत्याकांड: पिता को न्याय का इंतजार और नेताओं में श्रेय लेने की होड़ लगी

2 years ago
aap

फिल्म अभिनेत्री पायस पंडित बनी आप की प्रदेश प्रवक्ता

6 years ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

अयोध्या विकास प्राधिकरण के ओएसडी वाराणसी का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

आजम खान के खिलाफ मुकदमे लड़ रहे 6 शासकीय अधिवक्ताओं की सेवा समाप्त

Trending

ओबीसी महासभा
अन्य राज्य

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

by up80.online
October 28, 2026
0

अशासकीय विद्यालयों में आरक्षण की अनदेखी पर ओबीसी महासभा ने उठाए सवाल यूपी80 न्यूज, लखनऊ ओबीसी महासभा...

BJP

क्या इस बार भी गोरखपुर-आजमगढ़ मंडल के पटेल होंगे नजरअंदाज

October 1, 2026
संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

September 19, 2026
ब्रजेश पाठक और उनकी पत्नी नम्रता पाठक

जीजाजी मत होइए नाराज, मैं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हूं

September 1, 2026
Uttar Pradesh

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

August 13, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

ओबीसी महासभा ने पूछा- OBC की गिनती भी नहीं, तो OBC का वोट क्यों?

क्या इस बार भी गोरखपुर-आजमगढ़ मंडल के पटेल होंगे नजरअंदाज

संजय निषाद की नाराजगी दूर करने निषाद पार्टी के दफ्तर पहुंचे विनोद तावड़े

जीजाजी मत होइए नाराज, मैं अपने भविष्य को लेकर चिंतित हूं

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online