• About
  • Advertise
  • Contact
Wednesday, July 22, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home देश

1857 की क्रांति के जनक कोतवाल धन सिंह गुर्जर: आज ही के दिन मेरठ में फूंका गया क्रांति का बिगुल

अंग्रेजों ने धन सिंह के गांव पांचली को तोप से उड़ा दिया, 40 किसानों को फांसी दी

up80.online by up80.online
May 10, 2023
in देश, बड़ी खबर, यूपी
0
1857

1857 की क्रांति और कोतवाल धन सिंह गुर्जर

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

ट्रेनिंग के दौरान यूपी पुलिस को पढ़ाई जाती है महान क्रांतिकारी की गौरवगाथा 

यूपी80 न्यूज, मेरठ

आज 10 मई 10 May है। आज से लगभग 163 साल पहले 1857 में आज ही के दिन मेरठ में 1857 India Revolt की क्रांति का बिगुल बजा और इस क्रांति के जनक थे कोतवाल धन सिंह गुर्जर Kotwal Dhan Singh Gurjar। धन सिंह गुर्जर मेरठ के कोतवाल थे। भारी-भरकम शरीर, बड़ी-बड़ी मूंछे, लंबा-चौड़ा कद, बुलंद आवाज वाले धनसिंह का उन दिनों मेरठ और आसपास के इलाकों में काफी रौब था।

1857 की क्रांति India Revolt के दौरान कोतवाल धन सिंह गुर्जर Kotwal Dhan Singh Gurjar के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ मेरठ में बागी सैनिकों और बागी पुलिस फोर्स का एक साझा मोर्चा तैयार किया गया। धन सिंह गुर्जर मेरठ के पास खुर्द पांचली गांव के रहने वाले थे। स्थानीय होने के नाते उनके नेतृत्व में कई गांवों के लोग इस क्रांति में शामिल हुए। क्रांतिकारियों ने रात दो बजे मेरठ जेल पर हमला कर 836 कैदियों को छुड़ा लिया और जेल में आग लगा दी। तत्पश्चात कैदी भी क्रांति में शामिल हो गए। इससे पहले बागियों ने पूरे सदर बाजार और कैंट क्षेत्र में क्रांतिकारी घटनाओं को अंजाम दिया।

सुनियोजित थी क्रांति:

मेरठ में क्रांति को पूरी सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। 10 मई को सभी सैनिकों ने एक साथ मेरठ में सभी स्थानों पर विद्रोह कर दिया। ठीक उसी समय सदर बाजार की भीड़ जो पहले से ही हथियारों से लैस होकर इस घटना के लिए तैयार थी, ने भी अपनी क्रांतिकारी गतिविधियां शुरू कर दीं।

धनसिंह गुर्जर की चतुराई:

कोतवाल धन सिंह गुर्जर Kotwal Dhan Singh Gurjar ने बड़ी चतुराई से अंग्रेजों के वफादार पुलिस कर्मियों को  कोतवाली के भीतर चले जाने और वहीं रहने का आदेश दिया। क्रांति के दौरान ये पुलिस कर्मी वहीं बैठे रहें। दूसरी तरफ उन्होंने क्रांति के समर्थक सिपाहियों को क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने का गुप्त आदेश दिया।

पढ़ते रहिए www.up80.online किसानों को मिले 1.5 लाख करोड़ का पैकेज

ग्रामीणों के संपर्क में:

धन सिंह गुर्जर अपने गांव पांचली और आसपाल के गुर्जर बाहुलय गांव घाट, नंगला, गगोल इत्यादि गांवों की जनता के सीधे संपर्क में थे। धन सिंह का संदेश मिलते ही हजारों की संख्या में गूजर क्रांतिकारी रात में मेरठ पहुंच गए। मेरठ की क्रांति में स्थानीय गुर्जर समाज की विशेष भूमिका रही।

किसानों की भूमिका:

धन सिंह कोतवाल भी एक किसान परिवार से थें, उनके पिता पांचली गांव के मुखिया थे। अत: अंग्रेजों द्वारा वसूले जा रहे लगान से धन सिंह कोतवाल भी आहत थे।

पढ़ते रहिए www.up80.online सरदार पटेल की समाधि दिल्ली में बनाने की मांग जारी रहेगी: अनुप्रिया पटेल

पांचली गांव को तोप से उड़ाया:

मेरठ में क्रांति का मुख्य केंद्र पांचली गांव हो गया था। यहां के गुर्जर अंग्रेजों की आंखों में खटकने लगे थे। अत: क्रांति का दमन और लोगों के अंदर दहशत फैलाने के लिए अंग्रेजों ने 4 जुलाई 1857 की सुबह पांचली गांव पर हमला करने की रणनीति बनायी। यह जानकारी कोतवाल धन सिंह गुर्जर को मिल गई थी। उन्होंने गांव के लोगों को अन्यत्र जाने की सलाह दी। गांव की महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को अन्यत्र भेज दिया गया। लेकिन गांव के युवक अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए डंट गए।

4 जुलाई को सुबह चार बजे पांचली गांव पर एक अंग्रेजों ने तोपों से हमला किया। पूरे गांव को तोप से उड़ा दिया। सैकड़ों किसान मारे  गए, जो बच गए उनमें से 46 लोग कैद कर लिए गए और इनमें से 40 को बाद में फांसी दे दी गई। हालांकि कुछ इतिहासकारों के मुताबिक 80 लोगों को फांसी दी गई। इसके बाद उनका कुछ पता नहीं चला। इसी तरह ग्राम गगोल के 9 लोगों को फांसी दी गई और पूरे गांव को नष्ट कर दिया गया। धन सिंह कोतवाल का जन्म मेरठ के पांचली खुर्द में 27 नवंबर 1814 को हुआ था। इनके पिता का नाम जोधा सिंह और माता का नाम मनभरी देवी था।

पढ़ते रहिए www.up80.online ‘द चंपा मैन: कौन बनेगा करोड़पति सुशील कुमार की नई पहचान’

अंग्रेजों ने धन सिंह गुर्जर को दोषी ठहराया:

क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार ने जांच के लिए मेजर विलियम्स की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया। कमेटी ने इसके लिए मुख्य तौर पर कोतवाल धन सिंह गुर्जर को दोषी ठहराया। कमेटी का मानना था कि यदि कोतवाल अपने कर्तव्य को ठीक से निभाये होते तो संभवत: मेरठ में जनता को भड़कने से रोका जा सकता था।

पुलिस ट्रेनिंग का हिस्सा कोतवाल की गौरवगाथा:

यूपी पुलिस ने इस शहीद की गौरव गाथा को अपने पुलिस ट्रेनिंग का हिस्सा बना दिया है। यूपी पुलिस के जवानों व अधिकारियों को कोतवाल धन सिंह गुर्जर की कुर्बानी के बारे में पढ़ाया जाता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार विजय गुर्जर Vijay Gurjar कहते हैं कि कोतवाल धन सिंह गुर्जर भारतीय इतिहास के बहादुर योद्धाओं की श्रेणी में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं, लेकिन बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि इस वीर योद्धा की गौरवगाथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक ही सीमित रह गई। देश के हर युवा की जुबां पर इस बहादुर योद्धा की गौरव गाथा होनी चाहिए। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेपाल सिंह कसाना कहते हैं कि बाबा धन सिंह गुर्जर जी बलिदान सदियों तक याद रखा जाएगा। उनकी गौरव गाथा से युवाओं को प्रेरणा मिलती है। केंद्र सरकार को बाबा धन सिंह गुर्जर के नाम पर डाक टिकट जारी करना चाहिए। पाठ्य पुस्तकों में उनके गौरव गाथा को शामिल करना चाहिए।  उनके नाम पर एक केंद्रीय विश्वविद्यालय खोला जाए।

journalist
Baliram Singh, Journalist

साभार: indiarevolt1857blogspot.com

पढ़ते रहिए www.up80.online प्रदेश का पहला राजर्षि शाहूजी महाराज पुस्तकालय मऊ में खुला

Previous Post

71218 लोगों ने घर वापसी के लिए फेसबुक पर अनुप्रिया पटेल से किया संपर्क

Next Post

कपड़ा की छोटी-मध्यम दुकानें भी खोलने की अनुमति दी जाए : अनुप्रिया पटेल

up80.online

up80.online

Related Posts

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड
देश

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

July 19, 2026
योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल
यूपी

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

July 18, 2026
सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह
यूपी

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

July 5, 2026
Next Post
पंचायत चुनाव

कपड़ा की छोटी-मध्यम दुकानें भी खोलने की अनुमति दी जाए : अनुप्रिया पटेल

train

12 मई से 15 ट्रेनें चलेंगी, आज शाम 4 बजे से करें टिकट बुकिंग

cancer

कोविड19 दौर में घर बैठे कैंसर की शंका दूर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

3 days ago
ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

2 days ago
दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

3 weeks ago
वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

3 years ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में उठा 68500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

क्या डीके शिवकुमार के बाद यूपी के इस नेता की खुलेगी किस्मत?

झुका नगर निगम, सपा पार्षद को दिलाई शपथ

Trending

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड
देश

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

by up80.online
July 19, 2026
0

यूपी 80 न्यूज़, लखनऊ पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन इलेक्शन की अभिनव पहल के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी...

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

July 18, 2026
सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

July 5, 2026
Apna Dal

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

July 3, 2026
Dr.Sonelal Patel

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

July 2, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

ग्रीन इलेक्शन पहल के लिए डॉ. हीरा लाल को टाइम्स ऑफ इंडिया इकोप्रेन्योर अवॉर्ड

योगासन की कठिन मुद्राओं ने बांधा समां, प्रतिभागियों के संतुलन और लय ने जीता दिल

सिल्वर बेल्स के छात्र ने IIT रुड़की में बनाई जगह

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online