• About
  • Advertise
  • Contact
Monday, March 30, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home बड़ी खबर

विकास के लिए संघर्ष करता आजमगढ़ मंडल का ‘पटेल समाज’

बसपा-सपा के बाद बीजेपी ने भी किया नजरअंदाज

up80.online by up80.online
February 24, 2025
in बड़ी खबर, यूपी, राजनीति
0
Patels

Patels of Azamgarh

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

आजमगढ़/ लखनऊ, 22 जनवरी

1857 की क्रांति Revolution of 1857 में आजमगढ़ का अतरौलिया रियासत भी क्रांति का एक प्रमुख केंद्र रहा। अंग्रेजों के खिलाफ उग्र क्रांति से नाराज ब्रिटानिया हुकूमत ने अतरौलिया के किले को ही जला दिया, वहां की प्रजा पर जुल्म किया और आजमगढ़ के मदुरी बाग में अंग्रेजों में क्रांतिकारियों के खिलाफ केमिकल अटैक भी किया, जिसकी वजह से वहां की अधिकांश प्रजा (पटेल समाज) आजमगढ़ में सरयू नदी के किनारे दियारा में शरण ली। आज आजमगढ़ मंडल में पटेल समाज की संख्या लगभग 3 लाख से ज्यादा है, लेकिन आजादी के 70 साल बाद भी आजमगढ़ मंडल का पटेल समाज राजनैतिक व आर्थिक तौर से मजबूत नहीं हो पाया है। ऐसा लगता है कि यहां के पटेलों को राजनीतिक पार्टियां केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करती हैं।

आजमगढ़ मंडल में आजमगढ़, मऊ व बलिया जनपद आते हैं। यहां पर लगभग 3 लाख से ज्यादा पटेल समाज (कुर्मी ) निवास करता है। लेकिन राजनैतिक तौर पर यहां पटेल समाज शून्य है। आजमगढ़ में 21 विधानसभा स्थित हैं। आजमगढ़ मंडल की सगड़ी और मधुबन में पटेलों की संख्या सर्वाधिक है। इसके अलावा आजमगढ़ सदर, अतरौलिया, बलिया में बेल्थरा रोड, बांसडीह विधानसभा क्षेत्र में पटेल एकजुट हो जाएं तो किसी भी प्रत्याशी को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त हैं।

यह भी पढ़िए: कौन होगा उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग का नया चेयरमैन ?

लेकिन बरखूराम वर्मा, अभय सिंह पटेल और डॉ.एचएन पटेल को छोड़कर यहां से अब तक कोई विधायक नहीं बना। हालांकि बरखूराम वर्मा आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र के निवासी थे, लेकिन आजमगढ़ के सगड़ी विधानसभा क्षेत्र से उनके विधायक चुने जाने और बसपा सरकार में विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने से यहां के पटेलों को कुछ समय के लिए मजबूती मिली। लेकिन बाद में उन्हें बसपा से निकाले जाने एवं उनके आकस्मिक निधन से इस क्षेत्र का पटेल समाज आज भी उनकी कमी महसूस करता है।

यह भी पढ़िए: जनगणना 2021: बिहार के नेताओं से नसीहत लें यूपी के ओबीसी नेता

अभय नारायण पटेल
भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक अभय नारायण पटेल

हालांकि 2012 में समाजवादी पार्टी ने दबंग छबि के अभय नारायण पटेल (पूर्व ब्लॉक प्रमुख) को सगड़ी Sagri से टिकट दिया और चुनाव में अभय नारायण पटेल ने अमर सिंह के बेहद करीबी रहे सीपू सिंह को हराकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन 2017 चुनाव के ऐन मौके पर उनका टिकट काट दिया गया और यहां से विनम्र स्वभाव वाले पेशे से शिक्षक जयराम पटेल को टिकट दिया गया। 2017 के मोदी लहर में भी जयराम पटेल ने बीएसपी उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी और महज 5475 वोटों से पराजित हुए। खास बात यह है कि सपा सरकार में आजमगढ़ मंडल में कई नेताओं को राज्यमंत्री, एमएलसी व कई बोर्ड व निकायों में प्रमुख जिम्मेदारी दी गई,  लेकिन यहां के पटेल नेताओं को जगह नहीं दी गई।

यह भी पढ़िए: सीएम योगी के खास रहे सुनील सिंह अब अखिलेश यादव के हुए मुरीद

घनश्याम पटेल:

BJP
घनश्याम पटेल, प्रदेश महामंत्री, बीजेपी प्रदेश किसान मोर्चा

बीजेपी के वरिष्ठ नेता घनश्याम पटेल Ghanshyam Patel (वर्तमान में किसान मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष) एक अच्छे वक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षाविद् व सामाजिक व्यक्ति के तौर पर जाने जाते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने 1996 में सगड़ी से इन्हें विधानसभा चुनाव लड़ाया, जिसकी वजह से बरखूराम वर्मा हार गए। श्री पटेल को आजमगढ़ मंडल में बीजेपी का ओबीसी चेहरा के तौर पर जाना जाता है। बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर रमाकांत यादव के सांसद चुने जाने में आजमगढ़ के पटेलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और इसमें भी घनश्याम पटेल का काफी योगदान रहा। लेकिन 2017 के चुनाव में घनश्याम पटेल को नजरअंदाज करते हुए शीर्ष नेतृत्व ने एक डमी कैंडिडेट को उतार दिया, जिसकी वजह से यह सीट बसपा के खाते में चली गई। कहा तो यहां तक जाता है कि बीएसपी उम्मीदवार वंदना सिंह को जीताने के लिए बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के कहने पर यहां से डमी कैंडिडेट उतारा गया। हालांकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के ऐन मौके पर घनश्याम पटेल Ghanshyam Patel को राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड का इंडिपेंडेंट निदेशक बनाकर पटेलों को साधने की कोशिश की।

पढ़ते रहिए www.up80.online आजमगढ़ के घनश्याम पटेल बने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के डायरेक्टर

यह भी पढ़िए: जातीय आधार पर हो 2021 जनगणना

डॉ.एचएन पटेल:

डॉ.एचएन पटेल
सपा विधायक डॉ.एचएन पटेल, सगड़ी

परिसीमन के बाद मऊ की मधुबन विधानसभा सीट पटेल बाहुल्य हो गई है। यहां पर 50 हजार से ज्यादा पटेल मतदाता हैं। 2017 से पहले मधुबन में बीजेपी की जमीन तैयार करने में पूर्वांचल के प्रख्यात सर्जन डॉ.एचएन पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन्होंने 2010 में बसपा उम्मीदवार और 2015 में सपा के ब्लॉक प्रमुख उम्मीदवार को हराया। इसके अलावा 2012 के विधानसभा चुनाव में सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर 22513 वोट प्राप्त किए। 2015  में आजमगढ़ मंडल से एकमात्र भाजपा की झोली में इन्होंने ही ब्लॉक प्रमुख की सीट डाली थी, बावजूद इसके विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर डॉ. पटेल को नजरअंदाज करते हुए बसपा के पूर्व सांसद दारा सिंह चौहान को टिकट दिया गया। इसके अलावा पार्टी के ही कुछ लोगों के षडयंत्र की वजह से डॉ.पटेल की बहू की ब्लॉक प्रमुखी भी चली गई।

पेशे से सर्जन डॉ.पटेल की लोकप्रियता उनके मरीजों के प्रति प्रेम से है। पिछले 15 सालों में उन्होंने 5000 से ज्यादा मरीजों का नि:शुल्क ऑपरेशन किया है। हालांकि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से कुछ महीने पहले डॉ.पटेल भाजपा छोड़ पुन: सपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर सगड़ी से सर्वाधिक वोटों के अंतर से विधायक निर्वाचित हुए।

डॉ.हरेराम पटेल:

एक सामान्य परिवार में पैदा हुए डॉ.हरेराम पटेल को बलिया में गरीबों, पिछड़ों व दलितों का हमदर्द के तौर पर जाना जाता है। चूंकि बलिया में नॉन यादव पिछड़ों की स्थिति भी दलितों से कम नहीं है। ऐसे में समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े इस समाज को एकजुट करने में डॉ.हरेराम पटेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। 2012 में बलिया सदर से बीजेपी टिकट के लिए सबसे ज्यादा दावेदारी डॉ.हरेराम पटेल की मानी जा रही थी। लेकिन डॉ.हरेराम पटेल की राह में रोड़ा के तौर पर खुद उनके ही स्वजातीय पूर्वांचल के एक बड़े भाजपा नेता आ गए। उन्होंने डॉ.हरेराम पटेल की बजाय दयाशंकर सिंह को टिकट देने की वकालत की। डॉ.हरेराम पटेल के साथ यह पत्रकार भी दिल्ली के यूपी सदन में उस नेता से मिलने गया था। मुलाकात के दौरान भाजपा नेता ने कहा था कि बलिया सदर में तुम्हारी काफी चर्चा है, उन्होंने सवाल किया कि बलिया सदर में पटेलों की संख्या कितनी है? साथ ही यह भी कहा कि वहां से हमारी पार्टी के युवा नेता दयाशंकर सिंह तैयारी कर रहा है। तत्पश्चात डॉ.हरेराम पटेल ने अपनी माताजी को जनता दल यूनाइटेड का प्रत्याशी के तौर पर चुनाव में उतारा।

यह भी पढ़िए: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन से ओबीसी, एससी, एसटी का बढ़ेगा प्रतिनिधित्व

प्रेम सिंह पटेल:

बलिया के बेल्थरा रोड क्षेत्र के तिरनई निवासी प्रेम सिंह पटेल 30 साल पहले सेना से सेवानिवृति के बाद बीएसपी को मजबूत करने में अपना जीवन लगा दिया। जनपद में बसपा को शुरूआती दिनों में मजबूती प्रदान करने में प्रेम पटेल का सराहनीय योगदान रहा है। बसपा सुप्रीमो ने जनपद के कई ब्राह्मण व ठाकुर चेहरों को आगे बढ़ाने का कार्य किया, लेकिन पिछड़ा वर्ग से आने वाले प्रेम पटेल को नजरअंदाज किया।

भैया हरिशंकर पटेल:

बलिया
युवा नेता भैया हरिशंकर पटेल, जदयू

आप बलिया जनपद के दुबहड़ ब्लॉक स्थित भड़सड़ गांव के रहने वाले हैं। आप वर्तमान में जनता दल यू के प्रदेश महासचिव हैं। आप 2002 में बलिया सदर से अपना दल से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। छात्र जीवन से राजनीति में पदार्पण करने वाले भैया हरिशंकर पटेल लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं।

बलिराम सिंह:

journalist
Baliram Singh, Journalist

बलिया जनपद के बेल्थरारोड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिड़हरा (ग्राम पंचायत- तिरनई खिजिरपुर) के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार बलिराम सिंह  अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के मीडिया सलाहकार रह चुके हैं। बलिराम सिंह देश की राजधानी दिल्ली में कई महत्वपूर्ण अखबारों के लिए राजनीतिक रिपोर्टिंग कर चुके हैं। आपने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के महत्वपूर्ण भाषणों पर आधारित ‘सर्वहारा वर्ग की आवाज-अनुप्रिया पटेल के ओजस्वी भाषणा’ नामक पुस्तक लिखा है। पुस्तक में अनुप्रिया पटेल के महत्वपूर्ण भाषणों के अलावा पार्टी के संस्थापक डॉ.सोनेलाल पटेल व उनकी बेटी अनुप्रिया पटेल की जीवनी का भी उल्लेख किया गया है।

इसके अलावा बीबीसी हिन्दी के लिए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर द्वारा बलिया में किए गए विकास कार्य एवं जेपी (जय प्रकाश नारायण) के पैतृक गांव पर लिखे गए न्यूज में भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सामाजिक स्थिति:

तीनों जनपदों के पटेलों की स्थिति कमोबेश एक जैसी है। बलिया के बिड़हरा निवासी पेशे से अध्यापक लोरिक चंद सिंह कहते हैं कि आजमगढ़ मंडल में सर्वाधिक बाढ़ की समस्या सगड़ी क्षेत्र में है। इसकी वजह से पिछले 35 सालों में सगड़ी का पटेल समाज काफी तादाद में दिल्ली, मुंबई व अहमदाबाद की ओर रोजगार के लिए पलायन किया है। तीनों जनपदों में पटेल समाज छोटी जोत का किसान है। अधिकांश पटेलों के पास 4 से 5 बिगहा तक ही जमीन है। आर्थिक तौर पर कमजोर होने की वजह से इस समाज के अधिकांश युवा 10वीं-12वीं अथवा बीए पास करने के बाद रोजगार के लिए अन्य प्रदेशों की ओर रूख करते हैं।

मऊ में पिछड़ों के नाम पर सभी पार्टियां राजभर व चौहान समाज को तरजीह तो देती हैं, लेकिन पटेलों को नजरअंदाज कर देती हैं। जबकि बलिया में बेल्थरा रोड विधानसभा को छोड़कर अमूमन सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में नॉन यादव पिछड़ों की स्थिति दलित समाज की तरह ही है। खेती व शिक्षा का अभाव की वजह से रोजगार के लिए अन्य राज्यों की ओर रूख करते हैं, जिसकी वजह से जनपद की राजनैतिक मामलों में उनकी हिस्सेदारी नगण्य है। इसके अलावा मऊ में कुर्मि व मल्ल-सैंथवार कुर्मियों के बीच की दूरियां व बलिया में अवधिया कुर्मि व जैसवारा कुर्मियों की दूरियां भी इनकी एकजुटता में बाधक रही है। हालांकि अब धीरे-धीरे जागरूकता आ रही है और लोग एकजुट हो रहे हैं।

क्या कहते हैं वरिष्ठ लोग:

दिल्ली कुर्मि क्षत्रिय महासभा के 10 साल तक प्रदेश अध्यक्ष रहे आजमगढ़ निवासी राजकुमार सिंह पटेल कहते हैं कि यह बहुत ही दु:ख की बात है कि आजमगढ़ मंडल के पटेलों को बीजेपी लगातार नजरअंदाज कर रही है। 2014, 2017 और 2019 के चुनाव में यहां के पटेलों ने बीजेपी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी, बावजूद इसके यहां के पटेलों को बीजेपी नेतृत्व ने नजरअंदाज किया। इसे लेकर समाज के लोगों में गहरी नाराजगी है।

Previous Post

प्रदेश भर में स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जयंती मनाएगा अपना दल (एस)

Next Post

2022 की तैयारी में जुटीं अनुप्रिया पटेल, श्रावस्ती में करेंगी शंखनाद

up80.online

up80.online

Related Posts

Modi
यूपी

केरोसिन तेल की सप्लाई होगी आसान, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

March 29, 2026
पंकज चौधरी
यूपी

मंत्री आशीष पटेल व शिवपाल सिंह यादव के पड़ोसी होंगे पंकज चौधरी

March 20, 2026
Union
यूपी

मौलिक अधिकारों से वंचित नगर विकास विभाग के कर्मचारी

March 18, 2026
Next Post
2022 UP election

2022 की तैयारी में जुटीं अनुप्रिया पटेल, श्रावस्ती में करेंगी शंखनाद

obc

पिछड़ों के मसीहा जननायक कर्पूरी ठाकुर

karpuri thakur jayanti

अपना दल (एस) ने पूरे प्रदेश में मनाया जननायक कर्पूरी ठाकुर जयंती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

पंकज चौधरी

केंद्रीय मंत्री पकज चौधरी की मांग-न्यायिक सेवा में ओबीसी आरक्षण लागू हो

4 years ago
पंकज चौधरी

मंत्री आशीष पटेल व शिवपाल सिंह यादव के पड़ोसी होंगे पंकज चौधरी

1 week ago
Rekha Verma

दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रेखा वर्मा बनीं अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष

4 years ago
Modi

केरोसिन तेल की सप्लाई होगी आसान, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

5 hours ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Nitish Kumar Samajwadi Party Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

एसआईआर: एनजीएसपी पर आईं 92,497 शिकायतें 

चुनाव खर्च की नहीं दी जानकारी, आयोग ने ठहराया अयोग्य

कृषक जातियों की समस्याओं का समाधान करेगी “भारतीय समतामूलक महासभा”

कुशवाहा जाएंगे राज्यसभा, 5 मार्च को करेंगे नामांकन

इजराइल में 6,004 यूपी के श्रमिक, परिजनों में बढ़ी चिंता

सीएम योगी सिंगापुर से भारी निवेश ला रहे यूपी

Trending

Modi
यूपी

केरोसिन तेल की सप्लाई होगी आसान, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

by up80.online
March 29, 2026
0

ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से ऊर्जा संकट के मद्देनजर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला यूपी80 न्यूज, नई...

पंकज चौधरी

मंत्री आशीष पटेल व शिवपाल सिंह यादव के पड़ोसी होंगे पंकज चौधरी

March 20, 2026
Union

मौलिक अधिकारों से वंचित नगर विकास विभाग के कर्मचारी

March 18, 2026
यूनियन

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

March 11, 2026
मयंक जायसवाल

पत्रकार अशोक जायसवाल के भतीजे के विवाह समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने दिया आशीष

March 11, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

केरोसिन तेल की सप्लाई होगी आसान, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

मंत्री आशीष पटेल व शिवपाल सिंह यादव के पड़ोसी होंगे पंकज चौधरी

मौलिक अधिकारों से वंचित नगर विकास विभाग के कर्मचारी

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

पत्रकार अशोक जायसवाल के भतीजे के विवाह समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने दिया आशीष

दरोगा भर्ती परीक्षा की तिथि जारी, इस दिन डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online