• About
  • Advertise
  • Contact
Sunday, August 30, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home देश

13 माह में भाजपा ने पांच नवरत्न खो दिए, अटल जी, मनोहर पारिकर, अनंत कुमार, सुषमा स्वराज व अरुण जेटली

up80.online by up80.online
August 26, 2019
in देश, राजनीति
0
Know about Arun Jaitley

Know about Arun Jaitley from Virendra Sachdeva, a BJP worker.

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

दोहरी जिंदगी नहीं जीते थे अरुण जेटली: वीरेंद्र सचदेवा

वीरेंद्र सचदेवा, 25 अगस्त

अरुण जेटली जी का निधन एक अपूरणीय क्षति है। लगभग 13 माह में भारतीय जनता पार्टी ने अपने पांच शीर्ष नेताओं अटल जी, मनोहर पारिकर जी, अनंत कुमार जी, सुषमा स्वराज जी व अरुण जेटली जी को खो दिया है। देश के लिए व पार्टी के लिए भी यह बड़ा नुकसान है।

वर्तमान पीढ़ी में जो कार्यकत्र्ता आज पार्टी में काम कर रहे हैं, उनका किसी ना किसी रूप में अरुण जी से संबंध रहा है या यूं कहें कि वह किसी न किसी रूप से अरुण जी से प्रभावित होते रहे हैं। अरुण जी बहुत बड़े वकील, कुशल संगठनकत्र्ता, ओजस्वी वक्ता, एक कठोर प्रशासनिक अधिकारी तो थे ही, सही मायनों में सच्चे दोस्त भी थे। उनके अनेक रूपों को स्मरण करना हम सबके लिए एक अमूल्य निधि है।

दोहरी जिंदगी नहीं जीते थे अरुण जेटली:

अपनी किसी भी समस्या के लिए कभी भी अरुण जी के पास जाना और उसका निराकरण होना, यह अरुण जी के पास जाकर ही संभव होता था। उनका स्वभाव हंसमुख था। परंतु वह अपने लिए गए निर्णय पर हमेशा अडिग रहते थे और अगर उनकी किसी से कोई नाराजगी है तो वह छुपाते नहीं थे, दोहरी जिंदगी नहीं जीते थे, अच्छे और बुरे की रेखा को परिभाषित कर अपना नजरिया स्पष्ट कर देते थे।

डीडीसीए के अध्यक्ष के रूप में दिल्ली क्रिकेट को उनके जैसा अद्भुत प्रभावशाली अध्यक्ष मिल नहीं सकता, उन्होंने कोटला मैदान का मेकओवर ही नहीं किया, उन्होंने क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित भी किया। उनके कार्यकाल में दिल्ली क्रिकेट में लगातार सुखद हुए। आज कोटला मैदान जिस भव्य रूप में दिखाई देता है यह अरुण जी की ही देन है।

पार्टी के लिए संकटमोचक थे अरुण जेटली:

भारतीय जनता पार्टी अटल जी, आडवाणी युग और आज नरेंद्र मोदी युग में काम कर रही है परंतु इन तीनों युगों में अगर किसी एक नेता की स्वीकार्यता सबके बीच में थी तो वो जेटली जी ही थे, पार्टी ने उन्हें जो भी दायित्व दिया, उन्होंने उसे कुशलता से निर्वाहित किया, उनके नेतृत्व में कई राज्यों में हमारी सरकार बनी और संसद में वह हमेशा सरकार के लिए ट्रबल शूटर या यूं कहें संकटमोचक के रूप में हमेशा रहते थे। उनके तर्कों का जवाब विपक्ष के किसी नेता के पास नहीं था। उनकी कार्यशैली के सभी लोग कायल थे। आप याद कीजिए वह समय जब गुजरात में श्रीमान नरेंद्र मोदी और श्री अमित शाह जी पर शहराबुद्दीन हत्याकांड, इशरत जहां और हरेन पांड्या जैसे झूठे मुकदमों के दम पर यूपीए सरकार प्रताड़ित कर रही थी तो अरुण जी अकेले थे जो ना केवल कानूनी रूप से व राजनैतिक रूप से भी आप दोनों के लिए कवच बन कर सामने आए ।

खाने के शौकीन थे अरुण जेटली:

अरुण जी खाने के बेहद शौकीन थे, चाहे वह छोले भटूरे हो अमृतसरी नान हो कबाब या चिकन हो वह अपने हाथ और मुंह को रोक नहीं पाते थे और यही स्वभाव उनका उनके लिए कष्ट का कारण भी बना। अरुण जी को पश्मीना शॉल महंगी घड़ियां, चप्पल और अच्छे कपड़ों का बेहद शौक था। आज उनका जाना भाजपा के साथ-साथ समाज और देश के लिए भी बहुत बड़ी क्षति है और उसे पूरा करना आने वाले वर्षों में मुझे तो असंभव लगता है।

वीरेंद्र सचदेवा

सदस्य, केंद्रीय सुशासन विभाग, भाजपा

सदस्य, डीडीसीए

यह भी पढ़िये: भारत ने डॉक्टर्स पैदा किए और पाकिस्तान ने जेहादी: सुषमा स्वराज

Previous Post

क्या मंडल कमीशन का कोई मतलब नहीं रहा ?

Next Post

  जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के पक्ष में नहीं थे बाबा साहब: मायावती

up80.online

up80.online

Related Posts

Uttar Pradesh
अन्य राज्य

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

August 13, 2026
पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला
अन्य राज्य

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

August 13, 2026
कौशल पटेल, इसरो
देश

पान की दुकान से ISRO तक पहुंचा किसान का बेटा

August 13, 2026
Next Post
UP bypoll

  जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के पक्ष में नहीं थे बाबा साहब: मायावती

पंचायत चुनाव

घूरा राम व फूलन सेना के अध्यक्ष गोपाल निषाद ने हाथी छोड़कर साइकिल पर सवार हुए

विश्व चैंपियनशिप विजेता पीवी सिंधू

मां के जन्मदिन पर पीवी सिंधू ने विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतकर दिया अनोखा उपहार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

2 months ago
UP politics

ओबीसी छात्रों के लिए कम्प्यूटर प्रशिक्षण हेतु आवेदन की तिथि बढ़ाई गई

2 years ago
अखिलेश

सपा सरकार में यादव जाति के कितने एसडीएम हुए थे भर्ती, देखें आंकड़ा

4 years ago
अखिलेश यादव

यूपी का दंगल: 343 पर सपा व 60 पर सहयोगी दल लड़ेंगे चुनाव!

5 years ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

आजम खान के खिलाफ मुकदमे लड़ रहे 6 शासकीय अधिवक्ताओं की सेवा समाप्त

पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में उठा 68500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

Trending

Uttar Pradesh
अन्य राज्य

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

by up80.online
August 13, 2026
0

महिलाओं को पहले 20, फिर 30 हजार देगी योगी सरकार केके वर्मा, लखनऊ योगी सरकार विधानसभा चुनाव...

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

August 13, 2026
किशोरी

प्रेमी से बात करने पर रोका तो किशोरी ने उठाया खौफनाक कदम

August 13, 2026
कौशल पटेल, इसरो

पान की दुकान से ISRO तक पहुंचा किसान का बेटा

August 13, 2026
झांसी

बिना मान्यता मैरिज हॉल में चल रहा था स्कूल!

August 12, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

यूपी में बिहार जैसा चुनावी ब्रह्मास्त्र ! मातृ शक्ति को 50 हजार की सौगात!

पूर्व सीएम सुखबीर सिंह बादल पर हमला

प्रेमी से बात करने पर रोका तो किशोरी ने उठाया खौफनाक कदम

पान की दुकान से ISRO तक पहुंचा किसान का बेटा

बिना मान्यता मैरिज हॉल में चल रहा था स्कूल!

गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति समेत ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online