सात बार के सांसद पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने की चर्चा तेज
बलिराम सिंह, लखनऊ/नई दिल्ली
लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में एनडीए को मिली करारी हार के बाद भाजपा नेतृत्व ने पटेलों (कुर्मियों) को साधने के लिए बड़ा दाव चला है। यूपी के महाराजगंज से सात बार के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को यूपी भाजपा का नया अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है।

भाजपा पंकज चौधरी के जरिए प्रदेश के पिछड़ों विशेषकर पटेलों को साधने की तैयारी में है। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के पीडीए के दांव को कमजोर करने की कोशिश भी मानी जा रही है।
भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेतृत्व में अच्छी पकड़ रखने वाले पंकज चौधरी शांत प्रिय एवं सागदी पसंद नेता हैं। चकाचौंध की राजनीति से दूर रहते हैं और यही वजह है कि पंकज चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रिय हैं।

पकंज चौधरी के विरोधी भी उनके व्यक्तित्व की सराहना करते हैं। सात बार के सांसद होने के बाद भी जनता से इनकी नजदीकी कम नहीं हुई। वह अपने कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करते हैं।
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले गीता प्रेस के शताब्दी समारोह में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना कार्यक्रम और प्रोटोकॉल को तोड़कर पंकज चौधरी के घर जाकर उनका कद बढ़ा दिए थे। पीएम मोदी संकरी गलियों से होकर पैदल ही पंकज चौधरी के घर गए थे। पीएम मोदी द्वारा इस तरह पंकज चौधरी के घर जाने से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी।
पार्षद से संसद तक का सफर:
गोरखपुर के एक उद्योगपति स्वर्गीय भगवती चौधरी के पुत्र पंकज चौधरी का जन्म 15 नवंबर 1964 को हुआ था। पंकज चौधरी ने गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के तौर पर 1989 में राजनीति का सफर शुरू किया। वर्ष 1990 में ही भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्य समिति सदस्य हुए। 1990-91 में गोरखपुर नगर निगम के उपमहापौर बने। 1991 में महाराजगंज से भाजपा के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए। इसके बाद 1996, 1998 में भी सांसद चुने गए। 1999 में सपा के अखिलेश सिंह से चुनाव हार गए। लेकिन 2004 में फिर निर्वाचित हुए। 2009 में कांग्रेस के स्वर्गीय हर्षवर्धन से हार मिली। लेकिन 2014 से लगातार सांसद निर्वाचित हो रहे हैं।














