राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गोविंद मिश्रा ने इन दावों की पोल खोलने के लिए छेड़ी मुहिम
यूपी80 न्यूज, नई दिल्ली
बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस बनाने वाली संगठन ‘युवा हल्ला बोल’ ने सरकारों द्वारा किए जा रहे वादों और प्रचारों को एक्सपोज करने का अभियान शुरू किया है। इसी अभियान के तहत 12 जुलाई को युवा हल्ला बोल की टीम ने दिल्ली में विभिन्न स्थानों पर योगी सरकार द्वारा लगाए गए पोस्टरों पर आपत्ति जताते हुए अपना विरोध जताया और सोशल मीडिया पर शेयर किया।
बता दें कि कुछ दिन पहले बैंगलोर एयरपोर्ट पर लगे हुए इन्हीं पोस्टरों पर ट्वीट करने पर Cyber Police UP ने उस व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही करने की बात कही थी।
युवा हल्ला बोल के राष्ट्रीय संयोजक गोविंद मिश्रा ने कहा, “जब एक RTI के माध्यम से सरकार से इन 4 लाख नौकरियों का ब्योरा मांगा गया तो जवाब में सरकार ने कहा कि उनके पास ये आंकड़ा नहीं है कि ये नौकरियां किन किन विभागों में किन-किन लोगों को दी गई। तो फिर सरकार किस आधार पर सरकार इतना बड़ा दावा कर रही है।”
राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता ऋषव रंजन ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में RTI दायर कर तीन सवाल पूछें हैं :
सवाल नंबर 1: ‘मिशन रोज़गार’ योजना की शुरुआत के तहत 2020 से आज तक देश के कितने राज्यों में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना विज्ञापन दिया है? हर 3 महीने के हिसाब से ब्यौरा दें।
सवाल 2: ‘मिशन रोज़गार’ योजना में 2020 के शुरुआत से आजतक प्रेषित हुए विज्ञापन के सभी रूपों को मिलाकर कितने रुपए खर्च हुए?
सवाल 3: ‘मिशन रोज़गार’ योजना के प्रचार के लिए 2022 तक आवंटित बजट कितना है?
राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रशांत कमल का आरोप है कि उत्तर प्रदेश का सूचना विभाग द्वारा 4 लाख सरकारी नौकरी देने का दावा गलत है। हमारी टीम देशभर में इस तथ्यहीन प्रचार का पोल खोलेगी।













