लोक जीवन फाउण्डेशन द्वारा दो दिवसीय “आरोग्य पाकशाला” का आयोजन
यूपी80 न्यूज, लखनऊ
समाज में बढ़ती जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और रासायनिक भोजन पर निर्भरता के बीच स्वस्थ, शुद्ध और प्राकृतिक जीवन की ओर जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से लोक जीवन फाउण्डेशन द्वारा 7 एवं 8 फ़रवरी 2026 को एक दो दिवसीय “आरोग्य पाकशाला” का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन हिंदी मीडिया सेंटर में संपन्न होगा।
इस आरोग्य पाकशाला का मुख्य उद्देश्य है —
शुद्ध और संतुलित भोजन हर थाली में हो, और जड़ी-बूटियों का सही उपयोग हर जीवन को निरोग बनाए।
कार्यक्रम के अंतर्गत अनुभवी आयुर्वेदाचार्यों द्वारा नाड़ी परीक्षण, आयुर्वेदिक परामर्श, तथा विभिन्न प्रकार के जैविक (ऑर्गेनिक) खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स के माध्यम से लोगों को यह जानकारी दी जाएगी कि किस प्रकार पारंपरिक अनाज, जड़ी-बूटियाँ और प्राकृतिक उत्पाद दैनिक आहार का हिस्सा बनकर शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रख सकते हैं।
लोक जीवन फाउण्डेशन के संस्थापक डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “शुद्ध भोजन और शुद्ध सोच” को जन-आंदोलन बनाने की एक पहल है। उनका मानना है कि यदि सोच शुद्ध हो और भोजन शुद्ध हो, तो समाज स्वतः ही स्वस्थ और संतुलित बन सकता है।
कार्यक्रम में आयुर्वेद, जैविक खेती, पोषण वाटिका (किचन गार्डन), मल्टीग्रेन आहार, हर्बल चाय, औषधीय पौधों और महिला आजीविका से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही आमजन को यह भी बताया जाएगा कि किस प्रकार सीमित स्थान में भी पोषण वाटिका तैयार कर स्वयं के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन उगाया जा सकता है।
लोक जीवन फाउण्डेशन लंबे समय से स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और प्राकृतिक जीवनशैली के क्षेत्र में कार्य कर रही है। यह आरोग्य पाकशाला उसी निरंतर प्रयास का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें समाज के हर वर्ग को आयुर्वेद और भारतीय पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
दो दिवसीय इस आयोजन में चिकित्सक, वैद्य, कृषि विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएँ, बुज़ुर्ग और युवा—सभी के लिए उपयोगी जानकारी और अनुभव साझा किए जाएंगे।
लोक जीवन फाउण्डेशन ने सभी नागरिकों, मीडिया प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों से इस आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है, ताकि स्वस्थ शरीर, स्वस्थ सोच और स्वस्थ समाज की दिशा में सामूहिक प्रयास किया जा सके।
















