पूर्व नौ सैनिक की बेटियों ने मेडिकल फिल्ड में गाड़ा सफलता का झंडा
यूपी80 न्यूज, बलिया
पंख लगाकर उड़ जाने दो,
नन्ही बेटियों को पढ़ जाने दो।
घर की रौनक हैं ये बच्चियां,
इनकी दुनिया को चहक जाने दो।
जिस परिवार में बेटियों की शिक्षा पर ध्यान दिया जाता है, उस परिवार की बेटियां सफलता की बुलंदियां छूती हैं। बलिया जनपद के शिवपुर दियर नई बस्ती के पूर्व नौ सैनिक केडी सिंह के परिवार पर यह कविता पूर्णत: सटिक साबित होती है।
पूर्व नौ सैनिक के.डी. सिंह की चार बेटियाँ आज चिकित्सा जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। केडी सिंह की पुत्री डॉ. नलिनी सिंह का चयन देश के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर हुआ है। केडी सिंह की चार बेटियों ने सफलता का झंडा बुलंद कर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं।
डॉ. नलिनी सिंह की यह उपलब्धि सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उस सामाजिक बदलाव की कहानी है, जिसमें बेटियों को समान अवसर, भरोसा और प्रोत्साहन मिला। सीमांत गांव से निकलकर KGMU तक पहुँचना यह साबित करता है कि संसाधनों की कमी भी दृढ़ संकल्प के आगे बाधा नहीं बन सकती।
डॉ. नलिनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई से प्राप्त की। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा के लिए उन्होंने विदेश का रुख किया और चीन से MBBS की पढ़ाई पूरी की। भारत लौटकर एमडी की तैयारी के दौरान उनका चयन KGMU जैसे शीर्ष संस्थान में हुआ, जिसे चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस परिवार की खास बात यह है कि चिकित्सा सेवा इनके लिए सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि परंपरा बन चुकी है।
बड़ी बहन डॉ. अपराजिता सिंह वर्तमान में राजस्थान के उदयपुर में चिकित्सा सेवाएं दे रही हैं, जबकि छोटी बहन नंदिनी सिंह रूस में MBBS की पढ़ाई कर रही हैं। वहीं, चचेरी बहन सुकन्या सिंह मुंबई के प्रतिष्ठित ग्रांट मेडिकल कॉलेज से MBBS कर रही हैं।
चार-चार बेटियों की इस सफलता ने पूरे क्षेत्र में बेटियों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि के.डी. सिंह के परिवार ने यह साबित कर दिया है कि बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि समाज की रीढ़ बन सकती हैं।
डॉ. नलिनी सिंह की सफलता पर क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता जताई है। बधाई देने वालों में पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, सियाराम यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अरुण सिंह, चंद्रप्रकाश पाठक, शिवपुर दियर नई बस्ती के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र यादव ‘भुवर’ सहित अनेक लोग शामिल हैं।
यह कहानी शिवपुर दियर से उठकर पूरे समाज को यह संदेश देती है कि जब बेटियों को शिक्षा और अवसर मिलता है, तो वे न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन करती हैं।














