• About
  • Advertise
  • Contact
Friday, July 3, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home देश

चरौंवा: अंग्रेजों ने गांव को घेर चलाई थी गोलियां, चार लोग हुए थे शहीद

up80.online by up80.online
August 24, 2024
in देश, यूपी
0
शहीद स्मारक चरौवां

शहीद स्मारक, चरौवां

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

यूपी 80 न्यूज़, बेल्थरा रोड

शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले,
वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा।

देश की जंग-ए-आज़ादी में बलिया जिले के क्रांतिकारियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इनमें जनपद के चरौंवा (बेल्थरारोड) के क्रांतिकारी भी शामिल थे। इन्हीं क्रांतिकारियों की शहादत की याद में प्रतिवर्ष 25 अगस्त को चरौंवा शहीद स्मारक पर बलिदान दिवस मनाया जाता है।

सन् 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 25 अगस्त चरौंवा गांव के चार क्रांतिकारी अंग्रेजों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। जिसमें मकतुलिया मालिन, मंगला सिंह, खर बियार व शिवशंकर सिंह जैसे अमर शहीद शामिल हैं।

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब अंग्रेज हुक्मरानों द्वारा विशेषाधिकार युक्त सर्वोच्च शासक नेदर सोल और मार्क्स स्मिथ के नेतृत्व में फौज की टुकड़ी जल मार्ग से बलिया पहुंची थी। इसका एक दस्ता कैप्टन मूर की देखरेख में चरौवा गांव भी पहुंचा। कैप्टन मूर ने गांव के सरपंच राम लखन सिंह के यहां एक चौकीदार भेजकर उन्हें क्रांतिकारियों को सौंपने का संदेश भेजा। उसके आदेश पर चौकीदार सरपंच के यहां जा पहुंचा। जब सरपंच ने उससे वहां आने का कारण पूछा तो उनसे कैप्टन मूर का संदेश उन्हें सुनाया। उसका संदेश सुनकर सरपंच गुस्से से तमतमा गए तथा उसे ऐसा करारा तमाचा जड़ा कि उसके कान से खून टपकने लगा। सरपंच के इस आचरण की जानकारी जब कैप्टन मूर को हुई तो वह बौखला गया। इसके बाद वह अपनी फौज के साथ चरौंवा गांव की तरफ कूंच कर गया। वहां पहुंच कर उसने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया। अंग्रेजों के हाथों में मशीनगन होने के बावजूद वहां के ग्रामीण उनसे भयभीत नहीं हुए। उन्होंने हाथों डंडे लेकर अंग्रेजों को ललकारा। क्रांतिकारियों के इस तेवर से अंग्रेजों में खलबली मच गई। इसी दौरान मकतुलिया मालिन ने कैप्टन मूर के सिर पर एक हांडी से हमला बोल दिया। मकतुलिया मालिन के इस अदम्य साहस से कैप्टन मूर आक्रोशित हो गया तथा उन्हें मशीनगन की गोलियों से छलनी कर दिया। मकतूलिया मालिन के शहीद हो जाने पर कैप्टन मूर ने उनका शव घाघरा नदी में फेंकवा दिया। इस घटना के बाद अंग्रेजों ने ग्रामीणों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी।
गांव के क्रांतिकारियों और अंग्रेजों के बीच जबरदस्त युद्ध प्रारम्भ हो गया। ग्रामीणों ने अपने लाठी के दम पर कई अंग्रेजों को जख्मी कर दिया। इस लड़ाई में मकतुलिया मालिन के अलावा खर बियार, मंगला सिंह व शिवशंकर सिंह भी शहीद हो गए। क्रांतिकारियों के शहीद हो जाने पर फिरंगियों ने गांव में जमकर लूटपाट की। गांव के कन्हैया सिंह, राधा किशुन सिंह, दशरथ सिंह, कपिलदेव सिंह, बृज बिहारी सिंह, मृगराज सिंह, शम्भू सिंह, श्रीराम तिवारी, कमला स्वर्णकार व हरिप्रसाद स्वर्णकार आदि लोगों ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। अंग्रेजों ने उन्हें जेल में बंद कर दिया। इन्ही चरौंवा के शहीदों की याद में प्रत्येक वर्ष 25 अगस्त को चरौंवा में शहीद मेला लगता है। इस दौरान क्षेत्र के लोग वहां बने शहीद स्मारक पर उनको श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। रविवार को शहीद स्मारक पर लोगों का जमावड़ा लगेगा तथा उनके द्वारा शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित की जाएगी।

Previous Post

क्रिकेट के बॉल को बम बता कर प्लेन हाई जैक करने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नहीं रहे

Next Post

न ओपीएस- न एनपीएस, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी यूपीएस, केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना को दी मंजूरी

up80.online

up80.online

Related Posts

Apna Dal
यूपी

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

July 3, 2026
Dr.Sonelal Patel
बड़ी खबर

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

July 2, 2026
दिलीप पटेल
बड़ी खबर

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

June 30, 2026
Next Post
Modi

न ओपीएस- न एनपीएस, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगी यूपीएस, केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना को दी मंजूरी

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में हर्षोल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

चरौंवा बलिदान दिवस पर नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों में नाराजगी

चरौंवा बलिदान दिवस पर नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधि, ग्रामीणों में नाराजगी

Recommended

दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

5 days ago
Dr.Sonelal Patel

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

22 hours ago
वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

वैज्ञानिक डॉ संतोष सचान बने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य

2 years ago
Apna Dal

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

4 hours ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में उठा 68500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा

नवंबर-दिसंबर में यूपी सहित पांच राज्यों में चुनाव की तैयारी!

आजमगढ़ का एक लाख का इनामी भानू प्रताप सिंह मुठभेड़ में ढेर

पुलिस मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर घायल

क्या डीके शिवकुमार के बाद यूपी के इस नेता की खुलेगी किस्मत?

झुका नगर निगम, सपा पार्षद को दिलाई शपथ

Trending

Apna Dal
यूपी

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

by up80.online
July 3, 2026
0

केंद्रीय मंत्री ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का किया आह्वान यूपी80 न्यूज,...

Dr.Sonelal Patel

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

July 2, 2026
दिलीप पटेल

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

June 30, 2026
वीपी सिंह को क्यों याद करे?

वीपी सिंह को क्यों याद करे?

June 25, 2026
“आजादी के क्रांति युगल” पुस्तक में पढ़िये डॉ गया प्रसाद कटियार के संघर्षों की कहानी

“आजादी के क्रांति युगल” पुस्तक में पढ़िये डॉ गया प्रसाद कटियार के संघर्षों की कहानी

June 23, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

अनुप्रिया पटेल ने 2027 के चुनाव का किया शंखनाद

डॉ सोनेलाल पटेल को क्यों याद करें?

काशी के दिलीप पटेल किसका विकल्प बनेंगे?

वीपी सिंह को क्यों याद करे?

“आजादी के क्रांति युगल” पुस्तक में पढ़िये डॉ गया प्रसाद कटियार के संघर्षों की कहानी

आजम खान के खिलाफ मुकदमे लड़ रहे 6 शासकीय अधिवक्ताओं की सेवा समाप्त

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online