उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इन दीदियों को दिल्ली रवाना किया
यूपी 80 न्यूज़, लखनऊ
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के गहत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कार्य करने वाली उत्तर प्रदेश की 14 लखपति दीदियों एवं उनके सहयोगियों द्वारा 26 जनवरी 2026 को गणतन्त्र दिवस पर कर्त्तव्य पथ, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली परेड में प्रतिभाग करेंगी। इनमें से 13 दीदियों को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा अपने कैम्प कार्यालय 7- कालिदास मार्ग लखनऊ से 23 जनवरी को बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। निर्देशों के क्रम में एक लखपति दीदी सीधे दिल्ली गयी है।
प्रस्थान से पूर्व उप मुख्यमंत्री ने इन दीदियो से उनके क्रियाकलापों व गतिविधियों व महिला सशक्तिकरण के लिये उनके परिश्रम व लगन, निष्ठा और अपने कार्यो में पायी सफलता की यात्रा के बारे में जानकारी हासिल किया व उनका उत्साहवर्धन किया। प्रस्थान से पूर्व इन दीदियो का अभिनन्दन किया गया व शुभकामना सन्देश भी दिया गया।
यह दीदियां दिल्ली में परेड देखने से पहले मंत्री ग्रामीण विकास मन्त्रालय (भारत सरकार) शिव राज सिंह चौहान जी के नई दिल्ली मे आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगी, जिसमें वह सबसे भेंट करेंगे। सभी दीदियों को अन्य राज्यों की दीदियों के साथ दिल्ली भ्रमण भी 27 जनवरी को कराया जाएगा।
दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की दीदियों को आमंत्रित किये जाने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए, आभार व्यक्त किया है। कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कर्तव्य पथ पर प्रतिभाग के लिए समूह की दीदियों को आमंत्रित किया जाना उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश में एक साल मे 3 करोड़ दीदियो को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य रखा है, और उत्तर प्रदेश में समूहों की एक करोड़ दीदियो को लखपति दीदी बनाना है। उन्होने जोड़ा कि हमारी मन्शा है व शुभकामनायें भी है, जो लखपति दीदी बनी है, वह आगे चलकर करोड़पति दीदी बने और दिशा में ठोस प्रयास किये जायेगे। उप मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि स्कूली बच्चों के लिए समूहों की दीदियां ड्रेस आदि बनायें। स्कूली बच्चों के लिए जो,
रू 1200.00 की धनराशि अभिभावकों को दी जाती है, उससे अभिभावकगण दीदियो से भी क्वालिटी युक्त ड्रेस खरीद सकते है, इससे जहां अभिभावकों को उनके गांव में ड्रेस मिल सकती है, और महिलाओ की आमदनी भी बढ़ सकती है। काफी बड़ी मात्रा मे समूहो की महिलायें राशन की दुकान चला रही है, अब जो दुकाने निरस्त हो रही हैं, उन्हे समूहो की दीदियो को दिया जाता है, तो बहुत अच्छे तरीके से चलाती हैं। उन्होने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और उद्यमो मे सोलर एनर्जी व ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

















