विधानसभा में सुरक्षाकर्मियों व विपक्षी विधायकों के बीच हुई मारपीट, सुरक्षाकर्मियों ने विपक्षी विधायकों को घसीटकर बाहर निकाला
यूपी80 न्यूज, पटना
बिहार में मंगलवार को लोकतंत्र तार-तार हो गया। नीतीश सरकार के बिहार पुलिस अधिनियम बिल के खिलाफ विधानसभा के बाहर से लेकर अंदर तक लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गई। भारी हंगामा की वजह से सदन की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी। इससे नाराज विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा को उनके ही चैंबर में बंधक बना लिया। विधानसभा अध्यक्ष के बचाव में आए पुलिसकर्मियों से विपक्षी विधायकों ने मारपीट की। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने एक-एक कर विपक्षी विधायकों को बाहर निकाला। तब जाकर विधानसभा अध्यक्ष की रक्षा की जा सकी। इस क्रम में मकदुमपुर से राजद विधायक सतीश कुमार दास बेहोश हो गए। हालांकि देर शाम बिल पास हो गया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिल की प्रति को फाड़ दिया। फिर उनके साथ पूरा विपक्ष सदन से वॉकआउट कर गया। बिहार के इतिहास में विधानसभा में इस तरह का बवाल पहली बार हुआ है। बता दें कि विपक्ष इस बिल का विरोध इसलिए कर रहा है कि इसमें पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी के साथ-साथ किसी की भी तलाशी लेने का अधिकार दिया गया है। विपक्ष इसे काला कानून कह रहा है।
मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया था। पुलिस बिल के विरोध में राजद की अगुआई में विपक्ष के विधायक नारेबाजी करने लगे। फिर विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने जाकर बिल की कॉपी फाड़ दी। कई विधायक हाथ में पोस्टर लिए थे। विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव दिया। इसे नहीं माना गया। इस दौरान राजद नेता तेजस्वी यादव भी सदन में मौजूद थे। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने 12 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी। लेकिन दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा नहीं रुका। डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने इस दौरान सीएजी की रिपोर्ट पेश करना चाहा। राजद विधायकों ने इसका भी विरोध किया। कई विपक्षी विधायक कुर्सी पटकने लगे। तब मार्शल को बुलाया गया। सुरक्षाकर्मियों ने टेबल पकड़ लिए। तब राजद के कई विधायक टेबल पर चढ़ गए। इससे कार्यवाही फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
चैंबर में बंधक हुए विधानसभा अध्यक्ष:
इसके बाद जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो हंगामा और बढ़ गया। पुलिस बिल के खिलाफ विपक्षी विधायक अध्यक्ष को चैंबर में बंधक बनाकर बैठ गए। इस बीच सदन की कार्यवाही शुरू करा दी गई। अध्यक्ष बाहर बंधक थे। ऐसे में अधिशासी सदस्य प्रेम कुमार को आसन पर बैठा कर कार्यवाही शुरू की गई। आसन पर बैठ प्रेम कुमार ने पुलिस बिल को पास कराना शुरू कर दिया। इसी बीच राजद के एक विधायक आसन के पास पहुंच कर प्रेम कुमार के हाथों से बिल की प्रति छीन कर फाड़ डाली।
सत्ता पक्ष व विपक्ष के विधायकों के बीच हाथापाई:
इसी दौरान सत्ता पक्ष की तरफ से होते हुए राजद के एक विधायक सदन के बीच में पहुंच गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई थी। तभी सत्ता पक्ष की ओर से सदन में आए राजद विधायक से राज्य सरकार के दो मंत्री समेत जदयू-भाजपा के कई विधायक उलझ गए। दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। राजद विधायक चूंकि अकेले थे, लिहाजा पिट गए। सत्तारूढ़ विधायकों की टोली ने उन्हें धकियाते हुए सदन से बाहर कर दिया। हालांकि सदन की कार्यवाही स्थगित थी। साढ़े चार बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होनी थी, लेकिन बंधक बने स्पीकर विजय कुमार सिन्हा सदन में नहीं पहुंच पाए। आखिरकार उन्हें पुलिस बुलानी पड़ी। सदन की सुरक्षा में मार्शल तैनात रहते हैं, लेकिन मार्शल की संख्या कम होने की वजह से अतिरिक्त पुलिस बल मंगानी पड़ी।
डीएम-एसपी को संभालना पड़ा मोर्चा:
पटना के डीएम-एसपी खुद विधानसभा पहुंचे और पुलिस बल के साथ विधायकों को खदेड़ दिया। करीब सौ विपक्षी विधायकों को हटाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के सैक़ड़ों जवानों को भी बुला लिया गया था। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से कई विधायक घायल हुए हैं। बाद में देर शाम सात बजे के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू कर बिल को पास कर दिया गया। इस दौरान विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया।
साभार: www.darbhangatimes.com













