मरीज हो रहे परेशान, सभी जिलाधिकारियों को हड़ताली एंबुलेंस कर्मियों से चाबी लेने का दिया गया निर्देश
यूपी80 न्यूज, लखनऊ
यूपी में एंबुलेंस सेवा ठप कर आंदोलन कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ योगी सरकार सख्त हो गई है। बुधवार तक हड़ताल पर डटे 570 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया। बर्खास्त किए गए स्वास्थ्य कर्मियों में एंबुलेंस ड्राईवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन शामिल हैं। बता दें कि मंगलवार को 11 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया था और 8 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे रहे। हड़ताल की वजह से मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से एंबुलेंस की चाबी जमा कराएं और इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें। सरकार की तरफ से गुरुवार तक सभी एंबुलेंस संचालित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बता दें कि रविवार की रात 12 बजे से अचानक एंबुलेंस सेवा ठप होने से मरीज की स्थिति काफी खराब हो गई है। हड़ताल की वजह से निजी एंबुलेंस चालक मनमाना वसूली कर रहे हैं।
कर्मचारियों की मांग:
सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से एंबुलेंस का संचालन न किया जाए और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एंबुलेंस कर्मियों को संविदा पर तैनात कर काम लिया जाए।
फिलहाल प्रदेश में 4720 एंबुलेंस में 23 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। 108 एंबुलेंस सेवा की 2200, 102 एंबुलेंस सेवा की 2270 और एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम की 250 एंबुलेंस चलाई जा रही हैं।













