• About
  • Advertise
  • Contact
Friday, March 13, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home अन्य राज्य

प्लेग पीड़ित बच्चे का इलाज कराने के दौरान बीमार होने से माता सावित्रीबाई फुले का निधन हुआ

up80.online by up80.online
January 3, 2026
in अन्य राज्य, दिल्ली, देश, बड़ी खबर, बिहार, यूपी
0
Mata Savitribai Phule

mata savitribai phule

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

भारत में महिलाओं की मुक्तिदाता के तौर पर लोकप्रिय हैं माता सावित्रीबाई फुले

बलिराम सिंह, 3 जनवरी

माता सावित्री बाई फुले, जिन्हें आधुनिक भारत में महिलाओं का मुक्तिदाता के तौर पर जाना जाता है। माता सावित्रीबाई फुले को कवयित्री, अध्यापिका, शिक्षाविद् के अलावा एक समाज सुधारक के तौर पर भी जाना जाता है। अनेक बाधाओं के बावजूद माता सावित्री बाई फुले का स्त्रियों को शिक्षित करने में अतुलनीय योगदान रहा। आज माता सावित्रीबाई फुले की जयंती है।

ये माता सावित्रीबाई फुले की तपस्या का ही फल है कि आज देश की महिलाएं चांद तक पहुंचने में सफलता हासिल की हैं। जीवन के अंतिम समय में माता सावित्रीबाई फुले ने प्लेग से पीड़ित एक बच्चे को पीठ पर लादकर अस्पताल ले गईं, जिसकी वजह से माता सावित्रीबाई फुले भी बीमार हुईं और उनका निधन हो गया।

माता सावित्रीबाई फुले ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर स्त्रियों के अधिकारों, शिक्षा, छुआछूत, सतीप्रथा, बाल-विवाह जैसी सामाजिक बुराईयों के खिलाफ अभियान शुरू किया।

यह भी पढ़िए: अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के गठन से ओबीसी, एससी-एसटी का बढ़ेगा प्रतिनिधित्व 

जीवन परिचय:

आपका जन्म 3 जनवरी 1831 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव नामक गांव में हुआ था।  9 साल की उम्र में ही आपकी शादी पूना के ज्योतिबा फुले के साथ हो गया। ज्योतिबा फुले केवल तीसरी कक्षा तक पढ़े थे।

पिता ने ज्योतिबा फुले को घर से निकाला: 

ज्योतिबा फुले दलित समाज से थे। उनका मानना था कि दलित और महिलाओं की आत्मनिर्भरता, शोषण से मुक्ति और विकास का रास्ता शिक्षा के जरिए शुरू होता है।

सावित्रीबाई जब ज्योतिबा फुले के लिए खाना लेकर खेत में आती थी, उस दौरान ज्योतिबा फुले उन्हें पढ़ाते थे, लेकिन जब यह बात उनके पिता को मालूम हुई तो उन्होंने उन्हें घर से निकाल दिया। उनके पिता सामाजिक रूढ़िवादिता और डर की वजह से ये कदम उठाया।

1848 में पुणे में बालिका विद्यालय की स्थापना:

माता सावित्री बाई फुले ने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर 1848 में पुणे में बालिका विद्यालय की स्थापना की। स्कूल में 9 लड़कियों ने दाखिला लिया। कुछ ही दिनों में लड़कियों की संख्या में वृद्धि हो गई।

स्कूल जाते समय लोग अंडा-सड़े टमाटर, गोबर फेंकते:

स्कूल खोलने के बाद माता सावित्री बाई को अनेक कठिनाइयों से जूझना पड़ा। समाज के निचले तबके से होने की वजह से लोग रास्ते में उन्हें गालियां देते, सड़े टमाटर, अंडे, कचरा, गोबर इत्यादि फेंकते थें और जान से मारने की धमकी देते थे। इसकी वजह से उनकी साड़ी रोजाना खराब हो जाती थी। इस समस्या से निपटने के लिए माता सावित्री बाई फुले अपने बैग में एक अतिरिक्त साड़ी लेकर जाती थी। एक स्कूल जाते समय पहनकर जाती थीं और साड़ी खराब होने पर स्कूल में जाकर दूसरी साड़ी पहन लेती थी।

गुंडे को सबक सिखाया:

एक बदमाश माता सावित्री बाई का रोजाना पीछा करता था और उन्हें गालियां व जान से मारने की धमकी देता था। एक दिन सावित्री बाई फुले ने उससे भीड़ गईं और उसे कई थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना के बाद किसी ने सावित्री बाई फुले के साथ बदतमीजी नहीं की।

महज चार साल में 18 स्कूल खोलें:

माता सावित्री बाई फुले और ज्योतिबा फुले ने 1 जनवरी 1848 से 15 मार्च 1852 के बीच लड़कियों के लिए 18 विद्यालय खोलें।

मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा पर भी जोर:

उन्होंने 1849 में पूना में ही मुस्लिम महिलाओं एवं बच्चों के लिए एक स्कूल खोला।

 16 नवंबर 1852 में ब्रिटिश सरकार ने सम्मानित किया:

माता सावित्री बाई फुले और ज्योतिबा फुले के सामाजिक कार्य से प्रसंन्न होकर ब्रिटिश सरकार ने 16 नवंबर 1852 में दोनों पति-पत्नी को शॉल भेंटकर सम्मानित किया।

महिला मंडल का गठन:

महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने 1852 में ‘महिला मंडल’ का गठन किया और भारतीय महिला आंदोलन की पहली अगुआ बनी।

बाल हत्या प्रतिबंधक गृह की स्थापना:

विधवाओं और उनके बच्चों की देखरेख के लिए 1853 में ‘बाल हत्या प्रतिबंधक गृह’ की स्थापना की।

मजदूरों के लिए रात्रि पाठशाला:

मजदूरों की स्थिति में सुधार के लिए 1855 में उन्होंने ‘रात्रि पाठशाला’ की स्थापना की।

विधवाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाया:

उस समय विधवाओं के सिर को जबरदस्ती मुंडवा दिया जाता था, सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा ने इस अत्याचार का विरोध किया और नाइयों के साथ काम कर उन्हें तैयार किया कि वो विधवाओं के सिर का मुंडन करने से इंकार कर दे, इसी के चलते 1860 में नाइयों ने हड़ताल कर दी कि वे किसी भी विधवा का सर मुंडन नही करेगें, ये हड़ताल सफल रही। सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले ने अपने घर के भीतर पानी के भंडार को दलित समुदाय के लिए खोल दिया। सावित्रीबाई फुले के भाई ने इन सब के लिए ज्योतिबा की घोर निंदा की, इस पर सावित्रीबाई ने उन्हें पत्र लिख कर अपने पति के कार्यो पर गर्व किया और उन्हें महान कहा।

सत्यशोधक समाज की स्थापना:

सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा ने 24 सितम्बर,1873 को सत्यशोधक समाज की स्थापना की। सावित्रीबाई फुले ने विधवा विवाह की परंपरा शुरू की और सत्यशोधक समाज द्वारा पहला विधवा पुनर्विवाह 25 दिसम्बर 1873 को संपन्न किया गया था और यह शादी बाजूबाई निम्बंकर की पुत्री राधा और सीताराम जबाजी आल्हट की शादी थी। 1876 व 1879 में पूना में अकाल पड़ा था तब ‘सत्यशोधक समाज‘ ने आश्रम में रहने वाले 2000 बच्चों और गरीब जरूरतमंद लोगों के लिये मुफ्त भोजन की व्यवस्था की।

Health
Dr Anil Gangwar, DM Gastro

28 नवंबर 1890 में महात्मा ज्योतिबा फुले के निधन के पश्चात माता सावित्रीबाई फुले ने सत्यशोधक समाज के कारवां को आगे बढ़ाया। उन्होंने 1893 में सास्वाड़ में आयोजित सत्यशोधक सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। 1897 में पुणे में प्लेग का प्रकोप फैल गया। लोगों की मदद के लिए माता सावित्रीबाई फुले ने मरीजों के लिए अस्पताल खोला। प्लेग से पीड़ित एक बच्चे को उन्होंने अपनी पीठ पर लादकर अस्पताल ले गईं। जिसकी वजह से माता सावित्रीबाई फुले भी बीमार हो गईं और 10 मार्च 1897 में उनका निधन हो गया।

जीवन परिचय, एक नजर:

जन्म: 3 जनवरी 1831

निधन: 10 मार्च 1897

यह भी पढ़िए: आउटसोर्सिंग एवं संविदा के जरिए होने वाली सरकारी भर्तियों में आरक्षण लागू हो

Belthra Road
द एपेक्स नर्सिंग होम, बेल्थरा रोड
Previous Post

एसआईआर: गांव-गांव जाकर काटे गए वोटों की जांच करेगी कांग्रेस

Next Post

मंत्रिमंडल विस्तार: अपना दल एस के किस विधायक की खुलेगी किस्मत

up80.online

up80.online

Related Posts

यूनियन
बड़ी खबर

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

March 11, 2026
मयंक जायसवाल
यूपी

पत्रकार अशोक जायसवाल के भतीजे के विवाह समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने दिया आशीष

March 11, 2026
UP Police
बड़ी खबर

दरोगा भर्ती परीक्षा की तिथि जारी, इस दिन डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

March 9, 2026
Next Post
अनुप्रिया पटेल

मंत्रिमंडल विस्तार: अपना दल एस के किस विधायक की खुलेगी किस्मत

योगी

पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री अब सिर्फ 10 हजार रुपये में

Mau

पंकज चौधरी के स्वागत में गूंजा-महाराजगंज की तरह मऊ भी होगा माफिया मुक्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

CSE 2025

परचून की दुकान, इंस्पेक्टर, चपरासी व प्रिंसिपल के बच्चों ने सिविल सर्विसेज एग्जाम पास किया

5 days ago
यूनियन

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

1 day ago
मयंक जायसवाल

पत्रकार अशोक जायसवाल के भतीजे के विवाह समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने दिया आशीष

2 days ago
जदयू

निशांत कुमार ने ली जदयू की सदस्यता, यूपी में खुशी की लहर  

4 days ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Nitish Kumar Samajwadi Party Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

एसआईआर: एनजीएसपी पर आईं 92,497 शिकायतें 

चुनाव खर्च की नहीं दी जानकारी, आयोग ने ठहराया अयोग्य

कृषक जातियों की समस्याओं का समाधान करेगी “भारतीय समतामूलक महासभा”

कुशवाहा जाएंगे राज्यसभा, 5 मार्च को करेंगे नामांकन

इजराइल में 6,004 यूपी के श्रमिक, परिजनों में बढ़ी चिंता

सीएम योगी सिंगापुर से भारी निवेश ला रहे यूपी

Trending

यूनियन
बड़ी खबर

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

by up80.online
March 11, 2026
0

आचरण नियमावली के वर्तमान संशोधन से कर्मचारियों को अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बचाने के भी पड़ जाएंगे लाले...

मयंक जायसवाल

पत्रकार अशोक जायसवाल के भतीजे के विवाह समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने दिया आशीष

March 11, 2026
UP Police

दरोगा भर्ती परीक्षा की तिथि जारी, इस दिन डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

March 9, 2026
जदयू

निशांत कुमार ने ली जदयू की सदस्यता, यूपी में खुशी की लहर  

March 8, 2026
CSE 2025

परचून की दुकान, इंस्पेक्टर, चपरासी व प्रिंसिपल के बच्चों ने सिविल सर्विसेज एग्जाम पास किया

March 7, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

राज्य कर्मचारियों को परेशान कर रही है सरकार: तिवारी

पत्रकार अशोक जायसवाल के भतीजे के विवाह समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने दिया आशीष

दरोगा भर्ती परीक्षा की तिथि जारी, इस दिन डाउनलोड करें एडमिट कार्ड

निशांत कुमार ने ली जदयू की सदस्यता, यूपी में खुशी की लहर  

परचून की दुकान, इंस्पेक्टर, चपरासी व प्रिंसिपल के बच्चों ने सिविल सर्विसेज एग्जाम पास किया

एसआईआर: एनजीएसपी पर आईं 92,497 शिकायतें 

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online