आईएमए ने उठाई चिकित्सकों की सुरक्षा की मांग
यूपी 80 न्यूज़, आजमगढ़
जिले में चिकित्सकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्वतंत्रता पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर दंपति ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी हुई जमीन पर जबरन वसूली और कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ उनका निजी निवेश खतरे में पड़ा है, बल्कि आगामी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर भी संकट मंडरा रहा है।
अस्थि रोग विशेषज्ञ और उनकी पत्नी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नाएमा अफरीन ने कोतवाली थाने में भाजपा नेता मयंक गुप्ता व उनके साथियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। उनका कहना है कि 7500 वर्ग फुट भूमि पर अस्पताल का विस्तार करने के लिए उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया था, लेकिन 20 – 21 अगस्त को आरोपी ने साइट पर पहुंचकर काम रुकवाया, मजदूरों से अभद्रता की और 10 लाख रुपये की वसूली की मांग की।
डॉक्टर दंपति का कहना है कि उन्होंने न केवल पुलिस से मदद मांगी, बल्कि मुनसिफ कोर्ट खंड शहर आजमगढ़ से अंतरिम निषेधाज्ञा भी प्राप्त की, इसके बावजूद आरोपी ने अगले ही दिन भाजपा कार्यालय का बोर्ड लगाकर जमीन पर कब्जे की कोशिश की।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए प्रेस वार्ता की और कहा कि यदि चिकित्सक ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो समाज के स्वास्थ्य ढांचे पर असर पड़ेगा। आईएमए ने चेतावनी दी है कि वह इस मामले में हर स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ेगा।
जिला स्तर पर यह घटना कानून व्यवस्था और अदालत के आदेश की अनुपालना पर भी सवाल खड़े कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि वे सिर्फ अपने पेशेवर दायित्वों को निभाना चाहते हैं और चाहेंगे कि शासन उन्हें निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल प्रदान करे।
फिलहाल इस मामले में भाजपा नेता मयंक गुप्ता का बयान अभी नहीं आया है।