चुनाव आयोग रहे सजग तो बचेगा लोकतंत्र: सपा प्रमुख
यूपी 80 न्यूज, लखनऊ
समाजवादी पार्टी एसआईआर में फार्म 7 में धांधली और गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा है। अखिलेश यादव ने कहा है कि सदैव ये नहीं होता कि लोग कुछ गलत करते हैं, कभी-कभी सत्ताधारी दल के लोग अधिकारियों को गलत करने पर मजबूर भी करते हैं। बचपन में हमने ‘पंच परमेश्वर’ की जो कहानी सुनी थी, उस पर हमारा एतबार आज भी क़ायम है।

सपा प्रमुख ने कहा कि SIR में फ़ार्म 7 की अनगिनत धांधलियों और गड़बड़ियों को लेकर हमारी जो आपत्तियाँ और ठोस साक्ष्य हैं, उनका संज्ञान लेकर चुनाव आयोग न्यायसंगत निर्णय लेगा और इस अपराध के लिए क़ानूनी कार्रवाई करते हुए दोषियों के ख़िलाफ़ FIR भी करेगा, ये हमारा अटूट विश्वास है। चुनाव आयोग जब अपने गौरवशाली अतीत के प्रति सजग रहेगा तभी लोकतंत्र बचेगा और चुनाव आयोग के हर अधिकारी का मान-सम्मान भी।
समाजवादी पार्टी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी उ0प्र0 लखनऊ को ज्ञापन देकर मांग की है कि सुल्तानपुर सदर विधान सभा पोलिंग बूथ संख्या 87 पर 26 फार्म-7 पर निरक्षर नन्दलाल का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर पी.डी.ए. मतदाताओं व मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं के नाम काटने के लिए फार्म-7 जमा किये गये हैं। निरक्षर नन्दलाल ने मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह निरक्षर है, अंगूठा निशान लगाता है, उसके नाम से फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया है।
इसी तरह बलिया जनपद के सिकन्दरपुर विधान सभा से समाजवादी पार्टी के वर्तमान विधायक जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी आयशा रिजवी का पोलिंग बूथ संख्या 172 क्रम संख्या 341 पर मतदाता के रूप में दर्ज हैं। जिनका नाम मतदाता सूची से काटने के लिए फार्म-7 भरकर जमा किया गया है।
सरोजनी नगर विधान सभा पोलिंग बूथ संख्या 201 में समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाता विशेष कर मुस्लिम एवं पी.डी.ए. मतदाताओं के नाम काटने के लिए दशरथ कुमार आवेदक के रूप में हस्ताक्षर कर के 100 से अधिक फार्म-7 जमा कर दिये गये हैं।
जनपद प्रतापगढ़ के बाबागंज विधान सभा में रामदेव सिंह के फर्जी हस्ताक्षर से फार्म-7 भरकर समाजवादी पार्टी समर्थक पी.डी.ए. मतदाताओं के 65 नाम काटने के लिए फार्म-7 जमा किये गये हैं।
सकलडीहा विधानसभा में पोलिंग बूथ संख्या 160 पर 16 फार्म-7 पर आवेदक के रूप में गोविन्द राय का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मुस्लिम मतदाताओं का नाम काटने के लिए फार्म-7 जमा किये गये है। गोविन्द राय ने लिखित दिया है, कि उन्होने फार्म-7 पर हस्ताक्षर नहीं किया है उनका फर्जी हस्ताक्षर बनाया गया है। सभी मतदाता दर्ज पते पर स्थाई रूप से निवास कर रहे हैं। पोलिंग बूथ संख्या 157 पर 14 फार्म-7 जमा किये गये हैं। सभी फार्म-7 में मुस्लिम मतदाताओं के नाम प्रिंट हैं। आवेदक का हस्ताक्षर नहीं है।
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि बी.एल.ओ. द्वारा बड़ी संख्या में वोट हटाये गये। अब भा.ज.पा. समाजवादी पार्टी समर्थक मतदाताओं का वोट हटाने की साजिश कर रही है।
समाजवादी पार्टी की प्रमुख मांग:
फार्म 7 से नाम हटाने की प्रक्रिया केवल सरकारी बीएलओ द्वारा शुरू की जाए। किस विधानसभा, किस बूथ पर, किसके नाम से फार्म-7 जमा हुआ – इसका डेटा प्रतिदिन सार्वजनिक किया जाए।
किसने और किस आधार पर आवेदन किया-उसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए।
लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के नाम पर किसी को परेशान न किया जाए। शहर में काम करने वाले आदमी के पास इतना समय नहीं होता कि वह बता सके कि उसके नाना-नानी की आयु में 40 साल का अंतर क्यों है। अगर यह डिजिटल एरर है तो क्यों है? यदि उसने दस्तावेज जमा कर दिए हैं तो सरकार खुद पता करे कि डिस्क्रेपेंसी क्यों है।
यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची से नाम काटने के लिए मिथ्या (फॉल्स) लिखित कथन करता है। अथवा कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से ऐसे आवेदन प्रस्तुत करता है। तो उसके विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (त्.च्.।बज) की धारा-31 के अधीन एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। 01 वर्ष सजा और जुर्माना दोनो से दण्डनीय अपराध है। नियम कड़ाई के साथ लागू किया जाये।
मतदाता सूची में वास्तविक मतदाता का नाम अवैध ढंग से काटने या अपात्र व्यक्ति का नाम अवैध ढंग से जोडने पर ई.आर.ओ./सम्बन्धित अधिकारी के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (R-P-Act) 32 के अधीन दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। नियम कड़ाई के साथ लागू किया जाये।
इस अवसर पर विधायक कमाल अख्तर, प्रभुनारायण सिंह यादव, डॉ0 आरके वर्मा विधायक, मनोज पारस, शहजिल इस्लाम, महेन्द्र नाथ यादव, डॉ. संग्राम सिंह यादव, मोहम्मद फहीम इरफान, रविदास मेहरोत्रा विधायक, सचिन यादव, पंकज मलिक, नवाब जान एवं राम अधार राजभर ने ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस अवसर पर के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह और राधेश्याम सिंह भी मौजूद रहे।









