यूपी के 1.06 करोड़ जरूरतमंदों की पेंशन में होगी वृद्धि
सपा ने किया मातृशक्ति का अपमान
यूपी80 न्यूज, लखनऊ
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में सीएम योगी ने कहा है कि मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं है। विद्वत परिषद द्वारा अधिकृत व्यक्ति ही शंकराचार्य बन सकता है। हर कोई खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि माघ मेला में उस दिन 4.5 करोड़ श्रद्धालु आए थे। कोई कहीं भी जाकर माहौल खराब नहीं कर सकता है। वह माघ मेला के निकास से जाने का प्रयास कर रहे थे। इससे वहां भगदड़ मच सकती थी।
सपा को दिखाया आईना:
सीएम योगी ने शंकराचार्य मामले में सपा सदस्यों से पूछा कि यदि वह शंकराचार्य थे तो आपने वाराणसी में उन पर लाठीचार्ज करने के साथ एफआईआर क्यों दर्ज करायी थी?
उत्तर प्रदेश की लगभग 1 करोड़ 6 लाख निराश्रित महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की पेंशन राशि में बढ़ोतरी होगी। सीएम योगी की घोषणा के बाद पेंशन राशि 1000 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए हो जाएगी।
एसआईआर पर लोगों को गुमराह कर रही है सपा:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एसआईआर मामले में सपा लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के प्रकरण में भी आपने ऐसा ही किया। सपा ने राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन में विकास का विरोध किया। सपा सरकार में थानों और जेलों में जन्माष्टमी मनाने से रोका गया। कांवड़ यात्रा पर रोक लगाई। अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोका। रामभक्तों पर गोलियां चलवाई। मंदिर निर्माण रोकने के लिए अदालवत में वकील खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पुनर्जागरण के हमारे मॉडल में आस्था और विकास दोनों शामिल हैं।
विपक्ष ने मातृशक्ति का किया अपमान:
सीएम योगी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण का मुख्य विपक्षी दल का आचरण मातृशक्ति का अपमान है। यह कार्यक्रम अचानक नहीं थोपा गया था। दलीय बैठकों में चर्चा हुई थी। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कहा कि आप श्रेष्ठ कुल में पैदा हुए ब्राह्मण और सदन के वरिष्ठ सदस्यों में से हैं। आप सनातन की बात कर रहे थे, लेकिन इसके अनुरूप कार्य नहीं किया।















