हाई सिक्योरिटी बैरक की सिक्योरिटी चुस्त, बैरक के बाहर की गई सशस्त्र जवानों की तैनाती
बंशीलाल सिंह, प्रयागराज
जम्मू कश्मीर से 21 खूंखार आतंकवादियों को बेहद गोपनीय तरीके से केंद्रीय कारागार नैनी में शिफ्ट किया गया। जिन्हें हाई सिक्योरिटी वाले बैरक में अलग-अलग रखा गया है। आतंकियों के जेल पहुंचने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत कर दी गई है। जेल के अंदर से लेकर बाहर तक भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बेहद गोपनीय तरीके से जम्मू कश्मीर से 21 खूंखार आतंकवादियों को लेकर जम्मू पुलिस बुधवार सुबह सेंट्रल जेल नैनी पहुंची। इन्हें सड़क मार्ग से 4 वाहनों में सशस्त्र पुलिस बल की निगरानी में जम्मू पुलिस लेकर नैनी पहुंची। इनके यहां पहुंचने से पहले किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगी। मिशन को गोपनीय रखने के लिए बेहद सख्त हिदायत के साथ केवल उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई थी। आतंकवादियों को यहां पहुंचने पर सीधे जेल के अंदर गाड़ियां खड़ी की गईं। सशस्त्र जवानों ने एक-एक आतंकवादी को उतारकर हाई सिक्योरिटी बैरक में पहुंचाया। जिनमें से एक आतंकवादी घायल था, जिसका इलाज जेल में ही हो रहा है। प्रभारी जेल अधीक्षक आरके सिंह का कहना है कि खूंखार आतंकवादियों को जम्मू से यहां लाए जाने पर जेल की सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। हाई सिक्योरिटी बैरक के बाहर जेल के सशस्त्र जवानों को तीन-तीन शिफ्ट में तैनात किया गया है। सीसीटीवी के माध्यम से भी इन आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कारागार के अंदर से लेकर बाहर तक सशस्त्र पुलिस बल का सख्त पहरा लगा दिया गया है।
इस समय नैनी जेल में हैं लगभग चार दर्जन आतंकवादी:
केंद्रीय कारागार नैनी में मौजूदा समय में लगभग 4 दर्जन आतंकवादी बंद हैं। 6 महीने पहले ही जम्मू-कश्मीर से 44 आतंकवादियों को ले आया गया था। जिनमें से 18 को दूसरी जेलों में शिफ्ट कर दिया गया है शेष 26 यहीं पर हैं। इन आतंकवादियों में से 47 आतंकवादी जम्मू कश्मीर से लाए गए हैं। शेष चार अयोध्या बम विस्फोट कांड के आतंकवादी पहले से ही यहां मौजूद हैं।













