• About
  • Advertise
  • Contact
Wednesday, January 28, 2026
UP80
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
  • होम
  • यूपी
  • बिहार
  • दिल्ली
  • राजनीति
  • देश
  • विदेश
  • अन्य राज्य
No Result
View All Result
UP80
No Result
View All Result
Home देश

लॉकडाउन: मार्च से जून के बीच सड़क दुर्घटनाओं में 29415 लोगों की हुई मौत

up80.online by up80.online
September 23, 2020
in देश, बड़ी खबर, बिहार, यूपी
0
Lockdown

लॉकडाउन के दौरान वाराणसी में प्रवासी मजदूरों को भोजन देते कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल

0
SHARES
Share on FacebookShare on TwitterLinkedinWhatsappTelegramEmail

सरकार के पास मरने वाले प्रवासी मजदूरों migrant labour का डाटा नहीं है, लेकिन लाख टके का सवाल-जब सड़कों पर वाहनों के चलने की अनुमति नहीं थी तो फिर मरने वाले कौन थे?

यूपी80 न्यूज, नई दिल्ली

लॉकडाउन Lockdown के दौरान इस साल मार्च से जून के बीच देशभर में 81385 दुर्घटनाएं accidents हुईं, जिनमें 29415 लोगों की जान चली गई। लोकसभा में 22 सितंबर को पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ministry of transport ने यह जानकारी दी है। हालांकि आश्चर्य की बात यह है कि सरकार के पास यह डाटा नहीं है कि  लॉकडाउन के दौरान घर आ रहे कितने प्रवासी मजदूरों migrant labour की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई।

बता दें कि पिछले दिनों संसद में पूछा गया था कि लॉकडाउन के दौरान कितने लोग पैदल चलते हुए या सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए, तब सरकार ने कहा था कि उसके पास इससे संबंधित आंकड़े नहीं हैं।

मंगलवार 22 सितंबर को संसद सदस्य जसबीर सिंह गिल, डीके सुरेश, मो.जावेद, और डीन कुरियाकोस ने संसद में ये सवाल पूछा:

देश में लॉकडाउन के दौरान मार्च और अप्रैल 2020 के दौरान कितने प्रवासी मजदूर पैदल चलकर अपने घर गए?

देश में इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कितने प्रवासी कामगार मारे गए और इस अवधि के दौरान प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय द्वारा क्या कदम उठाए गए?

जवाब:

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री वीके सिंह ने जवाब दिया:

1.लॉकडाउन के दौरान पैदल यात्रा करने वालों सहित 1.06 करोड़ से अधिक प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य लौटे थे।

2.मार्च से जून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सड़कों पर 81385 दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 29415 लोगों की मौत हो गई। लेकिन यह नहीं बताया गया कि इनमें से कितने प्रवासी मजदूर थे।

पढ़ते रहिए www.up80.online मिलिए दूसरे दशरथ मांझी से, 30 साल में पहाड़ काटकर 5 किमी लंबी नहर बना दी 

लॉकडाउन, एक नजर:

बता दें कि कोरोना महामारी की वजह से भारत में 25 मार्च से पूरी तरह देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर दिया गया। लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं थी। हालांकि गृह मंत्रालय ने 29 अप्रैल आदेश जारी करते हुए प्रवासी मजदूरों को बसों और स्पेशल ट्रेनों से अपने गांव जाने की अनुमति दे दी थी, लेकिन प्रवासी मजदूर इससे पहले पैदल ही अपने गांव के लिए वापसी कर चुके थे। अव्यवस्था की वजह से आनंद विहार एवं अन्य रेलवे स्टेशन व बस स्टेशनों पर लोगों की भीड़ इकट्‌ठी हो गई। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान उत्तर प्रदेश एवं बिहार के सर्वाधिक मजदूरों ने घर वापसी की।

इस दौरान निजी वाहनों को चलने की अनुमति नहीं थी, लेकिन लोग मॉल वाहक ट्रक-टेम्पो चल रहे थे। कई स्थानों पर इन वाहनों से वापसी कर रहे मजदूर दुर्घटना का शिकार हो गए। अब सवाल ये है कि जब सड़कों पर वाहनों के चलने की इजाजत नहीं थी तो ये मरने वाले कौन थे?

कुछ दुर्घटनाएं:

8 मई औरंगाबाद रेलवे लाइन पर दुर्घटना- रेलवे लाइन पर सो रहे 16 मजदूरों की ट्रेन से कट कर मौत

13 मई मुजफ्फरनगर में बस दुर्घटना- 6 मजदूरों की मौत

14 मई को मध्य प्रदेश में बस दुर्घटना – 9 मजदूरों की मौत

पढ़ते रहिए www.up80.online इंटरव्यू अथवा चयन समिति में ओबीसी, एससी-एसटी व महिला वर्ग का प्रतिनिधित्व अनिवार्य

Previous Post

कृषि बिलों का समर्थन करने वाली पार्टियों का सामाजिक बहिष्कार करेंगे किसान संगठन

Next Post

न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाया जाए: भाकियू

up80.online

up80.online

Related Posts

बुझ गया चिराग, पेड़ पर लटका मिला विक्की पटेल का शव
यूपी

बुझ गया चिराग, पेड़ पर लटका मिला विक्की पटेल का शव

January 27, 2026
ज्योति सिंह
यूपी

बेल्थरा रोड क्षेत्र की बिटिया का ऑडिटर पद पर हुआ चयन

January 26, 2026
UP Police
यूपी

गणतंत्र दिवस पर रजत पदक से सम्मानित होंगे इंस्पेक्टर नन्हे राम सरोज

January 26, 2026
Next Post
farmers

न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून बनाया जाए: भाकियू

चौरसिया समाज

पान की खेती को “कृषि” का दर्जा दिया जाए, ताकि किसानों को सरकारी लाभ मिले: अनुप्रिया पटेल

Bihar

तेजस्वी के नेतृत्व में बिहार में सत्ता परिवर्तन संभव नहीं: उपेंद्र कुशवाहा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ज्योति सिंह

बेल्थरा रोड क्षेत्र की बिटिया का ऑडिटर पद पर हुआ चयन

2 days ago
Patel

सरदार पटेल के नाम पर हो किसान पथ का नामकरण

7 days ago
रोजगार

नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें युवा- हीरा लाल

4 days ago
पत्रकारिता

एकला चलो: पत्रकारिता की स्वतंत्रता को लेकर पत्रकार अरविंद यादव ने किया पैदल मार्च

7 days ago

Categories

  • अखिलेश यादव
  • अन्य राज्य
  • तेजस्वी यादव
  • दिल्ली
  • देश
  • बड़ी खबर
  • बिहार
  • यूपी
  • यूपी विधानसभा चुनाव
  • राजद
  • राजनीति
  • विदेश
  • सपा

Topics

Akhilesh Yadav Anupriya Patel Apna Dal (S) Azamgarh Ballia Belthra Road bihar bjp BSP CM Yogi Congress death farmers Mirzapur Samajwadi Party Sonbhadra Uttar Pradesh Varanasi yogi govt अखिलेश यादव अनुप्रिया पटेल अपना दल (एस) आजमगढ़ उत्तर प्रदेश ओबीसी कांग्रेस किसान किसान आंदोलन केशव प्रसाद मौर्य कोरोना नीतीश कुमार बलिया बसपा बिहार बीजेपी बेल्थरा रोड भाजपा मायावती मिर्जापुर योगी सरकार वाराणसी सपा समाजवादी पार्टी सीएम योगी सोनभद्र

Highlights

नाम “सांसद खेल प्रतियोगिता”, लेकिन सांसद को ही कर दिया गया नजरअंदाज!

पैतृक संपत्ति के बंटवारे की रजिस्ट्री अब सिर्फ 10 हजार रुपये में

मंत्रिमंडल विस्तार: अपना दल एस के किस विधायक की खुलेगी किस्मत

प्लेग पीड़ित बच्चे का इलाज कराने के दौरान बीमार होने से माता सावित्रीबाई फुले का निधन हुआ

एसआईआर: गांव-गांव जाकर काटे गए वोटों की जांच करेगी कांग्रेस

यूपी में फिर बढ़ी एसआईआर की समय सीमा

Trending

बुझ गया चिराग, पेड़ पर लटका मिला विक्की पटेल का शव
यूपी

बुझ गया चिराग, पेड़ पर लटका मिला विक्की पटेल का शव

by up80.online
January 27, 2026
0

इब्राहिमपट्टी में पेड़ पर लटका मिला युवक विक्की पटेल का शव यूपी 80 न्यूज़, इब्राहिमपट्टी बलिया जनपद...

ज्योति सिंह

बेल्थरा रोड क्षेत्र की बिटिया का ऑडिटर पद पर हुआ चयन

January 26, 2026
UP Police

गणतंत्र दिवस पर रजत पदक से सम्मानित होंगे इंस्पेक्टर नन्हे राम सरोज

January 26, 2026
रोजगार

नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें युवा- हीरा लाल

January 24, 2026
छात्र

गांधीवादी छात्रों ने उठाई ग्रामीण रोजगार की आवाज

January 24, 2026

About Us

लोकतांत्रिक देश में मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है। मीडिया का मुख्य कार्य जनसरोकार से जुड़ी खबरों को आम जनता तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता उन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठा सके। इसके अलावा सरकार की किसी भी योजना का आम जनता को कितना लाभ मिल रहा है, उसके जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में आम जनता की समस्याओं का निराकरण कैसे करते हैं। लोकतंत्रिक देश में जनप्रतिनिधि अपनी जनता की अपेक्षाओं पर कितना खरा उतरते हैं। ये सभी जानकारी आपको www.up80.online पर मिलेंगी।

Follow us on social media:

Trending

बुझ गया चिराग, पेड़ पर लटका मिला विक्की पटेल का शव

बेल्थरा रोड क्षेत्र की बिटिया का ऑडिटर पद पर हुआ चयन

गणतंत्र दिवस पर रजत पदक से सम्मानित होंगे इंस्पेक्टर नन्हे राम सरोज

नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें युवा- हीरा लाल

गांधीवादी छात्रों ने उठाई ग्रामीण रोजगार की आवाज

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में प्रतिभाग करेंगी यूपी की 14 लखपति दीदियां

Others Links

  • Contact
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • About
  • Advertise
  • Contact

Copyright © 2019 up80.online

error: Content is protected !!
No Result
View All Result
  • Home
  • देश
  • राजनीति
  • विदेश
  • बिहार
  • यूपी
  • वीडियो
  • दिल्ली

Copyright © 2019 up80.online