शामली की बेटी ने टॉप 10 तो अमरोहा की बेटी ने टॉप 15 में बनाया जगह
भाई ने पास किया सिविल सर्विसेज एग्जाम तो बहन बनी जज
बलिराम सिंह, लखनऊ
“बाबा साहेब ने कहा था- शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पीएगा, वो दहाड़ेगा।“
यूपीएससी के रिजल्ट ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे गरीब परिवार के बच्चों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। यूपीएससी ने सिविल सर्विसेज एग्जाम 2025 का रिजल्ट शुक्रवार को जारी कर दिया। परीक्षा परिणाम में परचूम की दुकान चलाने वाले की बेटी टॉप टेन में शामिल हुई तो सब इंस्पेक्टर की बेटी टॉप 15 तो प्रिंसिपल के बेटे ने भी इस प्रतिष्ठित परीक्षा को पास कर प्रदेश का नाम रौशन किया है।
आस्था जैन:

शामली की आस्था जैन ने सिविल सर्विस एक्जाम में 9वीं रैंक हासिल की है। आस्था जैन के पिता परचून की दुकान चलाते हैं। पिछली बार भी आस्था का चयन हुआ था। आस्था ने 131 वीं रैक लाकर आईपीएस बनी थी।
सुरभि यादव:

अमरोहा के रहने वाले सब इंस्पेक्टर राकेश यादव की बेटी सुरभि यादव ने इस प्रतिष्ठ परीक्षा में 14वां रैंक लाकर प्रदेश का नाम रौशन किया है।
सुरभि यादव को चौथे प्रयास में यह सफलता मिली है। सुरभि ने 10वीं तक की पढ़ाई एसआर इंटरनेशनल इंटर कॉलेज बरेली और 12वीं आर्मी पब्लिक स्कूल बरेली से पास की। उसने 96 परसेंट लाकर बरेली मंडल टॉप की थी। इसके बाद लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए ऑनर्स किया और जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से इतिहास में एमए किया।
शिखा सिंह:
बुलंदशहर की शिखा सिंह ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में 113वीं रैंक हासिल की है। शिखा सिंह के पिता प्रेम चंद एक इंटर कॉलेज में चपरासी के पद पर तैनात हैं। उनके दादाजी भी चपरासी पद पर कार्य कर चुके हैं। सीमित संशाधनों के बावजूद शिखा ने अपनी मेहनत और लगन से यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। शिखा के पिता 10वीं पास हैं, जबकि मां अशिक्षित हैं।
अभिजीत वर्मा:

उधर, बाराबंकी के राम सेवक यादव इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.जगन्नाथ वर्मा के पुत्र अभिजीत नंदन वर्मा ने यूपीएससी की परीक्षा में 294 रैंक हासिल की है। अभिजीत का यह पहला प्रयास है। अभिजीत आईआईटी खड़कपुर से ग्रेजुएट हैं।
अभिजीत नंदन ने कहा कि उन्होंने प्रिवियस ईयर के क्वेश्चन पेपर्स को अपनी तैयारी का आधार बनाया। इससे कम समय में ज्यादा तैयारी की जा सकती है। इसी के जरिए उन्होंने पहले ही अटेम्प्ट में इस कठिन परीक्षा को पास कर लिया। उन्होंने कहा कि सेलेबस को भी ध्यान में रखना चाहिए। इसके अलावा न्यूज पेपर को भी नियमित पढ़ना चाहिए, ताकि करेंट अफेयर्स की तैयारी भी साथ-साथ होती रहे।
अभिजीत की तीन बड़ी बहनें हैं। बड़ी बहन आकांक्षा वर्मा प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल हैं, दूसरी बहन अर्जिता वर्मा जह हैं, वहीं, तीसरी बहन कनुप्रिया वर्मा नाबार्ड में असिस्टेंट मैनेजर हैं।
बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग ने शुक्रवार को 2025 का रिजल्ट जारी किया। 958 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा पास की। इस बार राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने प्रथम रैंक हासिल की है।
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