मकर संक्रांति के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा तेज
बलिराम सिंह, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी के साथ बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल एस खेमे में भी हलचल शुरू हो गई है। 13 विधायकों वाली प्रदेश की तीसरी बड़ी पार्टी अपना दल एस में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ ज्यादा ही चर्चा है। अब सवाल है कि इस विस्तार में पार्टी के किस विधायक की लॉटरी लगेगी? विधायकों के अलावा पार्टी के पदाधिकारियों में निगम व बोर्ड अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को लेकर एक बार फिर से आशा जाग्रत हो गई है।

चूंकि अपना दल एस के 13 विधायक और एक विधान परिषद सदस्य हैं, लेकिन फिलहाल योगी मंत्रिमंडल में अपना दल एस कोटे से मात्र एक कैबिनेट मंत्री हैं। और वह हैं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल। जानकारों का मानना है कि 13 विधायकों वाली पार्टी से मंत्रिमंडल विस्तार में एक और राज्य मंत्री बनाया जा सकता है। ऐसे में अब सवाल है कि अपना दल एस के 13 विधायकों में से वह कौन विधायक है जिसकी किस्मत खुल सकती है और वह योगी सरकार में मंत्री बन सकता है?

चूंकि वर्तमान में अपना दल एस के 13 विधायकों में 5 कुर्मी, 5 दलित और एक सुनार, एक ब्राह्मण और एक मुस्लिम है। चूंकि पार्टी का बेस वोटर कुर्मी समाज है और 2024 के लोकसभा चुनाव परिणाम को देखते हुए पार्टी शीर्ष नेतृत्व एक और कुर्मी विधायक को मंत्री बनवा सकता है। इसके अलावा बसपा के लगातार खिसकते जनाधार को देखते हुए अपना दल एस एक दलित विधायक को मंत्री बनवा कर कुर्मी- दलित गठजोड़ का बड़ा संदेश दे सकता है।

बहरहाल जो भी हो, लेकिन माना जा रहा है कि अपना दल एस कोटे का यह मंत्री पूर्वांचल से होगा, ताकि पार्टी का गढ़ बचा रहे। फिलहाल अपना दल एस को सबसे ज्यादा चुनौती पूर्वांचल के सपा से आने वाले कुर्मी विधायकों और सांसदों से है। ऐसे में पूरी आशा है कि नया मंत्री पूर्वांचल से ही हो सकता है। फिलहाल पूर्वांचल से अपना दल एस के डॉ.सुनील पटेल, डॉ.आरके पटेल, जीतलाल पटेल, डॉ.वाचस्पति, रिंकी कोल विधायक हैं। संभवत: इनमें से किसी की लॉटरी लग सकती है।
निगम-बोर्ड के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष:
सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि खरमास बाद विभिन्न निगम और बोर्ड के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों का मनोनयन हो सकता है। इस चर्चा की वजह से पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को आस है कि खरमास बाद निगम और बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष जैसे दर्जा प्राप्त मंत्री के तौर पर उनकी भी किस्मत खुल सकती है। वैसे भी दो महीने पहले पार्टी छोड़ चुके दो पुराने पदाधिकारियों को शीर्ष नेतृत्व द्वारा सीएम योगी को पत्र लिखकर हटवाया जा चुका है। अत: इन पदों पर भी पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को समायोजित किया जा सकता है।
खैर अब देखना यह है कि मकर संक्रांति के बाद पार्टी के किस विधायक और पदाधिकारी की किस्मत खुलती है और वह मंत्री बनता है!












