महज पांच महीने में भाजपा की पहली पंक्ति के तीन वरिष्ठ नेताओं का निधन
नई दिल्ली, 24 अगस्त
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली का शनिवार दोपहर को निधन हो गया। भाजपा के लिए यह बड़ा झटका है। पिछले पांच महीने में भाजपा के तीन वरिष्ठ नेताओं का निधन हो गया। मनोहर पार्रिकर (पूर्व रक्षा मंत्री) और सुषमा स्वराज (पूर्व केंद्रीय मंत्री) के बाद अब अरुण जेटली हम सबके बीच नहीं रहें।
भाजपा के ये तीनों नेता वर्तमान में देश के पहले पायदान के नेताओं में शामिल थे। मनोहर पार्रिकर अपनी ईमानदारी को लेकर जाने जाते थें तो सुषमा स्वराज एक कुशल वक्ता, विदेश मंत्रालय को आम जनता के करीब लाने के लिए जानी जाती थीं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ में आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय जगत का ध्यान खींचने के लिए भी सुषमा स्वराज को श्रेय दिया जाता है। वहीं अरुण जेटली को भाजपा का संकट मोचन के तौर पर जाना जाता था। जेटली प्रखर वक्ता के अलावा कुशल रणनीतिकार के तौर पर भी जाने जाते थें।
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अरुण जेटली एक अच्छे कानून विशेषज्ञ के अलावा भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, पूर्व सॉलिसिटर जनरल के अलावा लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले अरुण जेटली पार्टी के कई महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर चुके हैं।
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अरुण जेटली का जन्म 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता महाराज किशन जेटली भी एक वकील थे। अरुण जेटली की पढ़ाई सेंट जेवियर स्कूल से हुई। दिल्ली स्थित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से ही लॉ की डिग्री हासिल की। अरुण जेटली की शादी 1982 में संगीता से हुई। उनके दो बच्चे, एक बेटा रोहन और बेटी सोनाली है। अरुण जेटली के दोनों बच्चे अच्छे वकील हैं।