बंपर भर्ती से वंचित रह जाएंगे गोंड समाज के युवा
यूपी80 न्यूज, लखनऊ
उत्तर प्रदेश में लेखपाल और पुलिस भर्ती की वैकेंसी निकली हुई है, लेकिन गोंड समाज को अनुसूचित जनजाति का सर्टिफिकेट जारी नहीं हो रहा है। ऐसे में इस समाज के युवा इन भर्तियों के लिए आवेदन करने से वंचित हो जाएंगे। इसे लेकर गोंड समाज ने नाराजगी जतायी है।
समाज के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि उ0प्र0 लेखपाल भर्ती में 160 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित हैं। वहीं, पुलिस भर्ती में भी 647 सीटें अनुसूचित जनजाति हेतु आरक्षित हैं। इन आरक्षित सीटों पर आवेदन करने के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्र अतिआवश्यक है। भारत के राष्ट्रपतीय राजपत्र संविधान अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन अधिनियम-2002 द्वारा बलिया जिले में गोंड जाति को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता दी गयी है। आवेदक गोंड युवक, युवतियों का कहना है कि गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील का कई महीनों से चक्कर लगा रहे हैं। तहसीलदार कार्यालय में ऑफलाइन आवेदन जमा है, लेकिन ऑनलाइन आवेदन करने पर लेखपाल व तहसीलदार साहब द्वारा आवेदन बार-बार अस्वीकृत कर दिया जा रहा है, जबकि पूर्व में पिता व भाई का गोंड अनुसूचित जनजाति का प्रमाण-पत्र तहसील से जारी हुआ है। इस समय वर्तमान में गोंड जाति प्रमाण पत्र जारी करने में लेखपाल व तहसीलदार द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान व उत्पीड़न किया जा रहा है।
गोंड समाज के युवाओं ने 9 जनवरी 2026 को बलिया जिलाधिकारी कार्यालय पर गोंड जनजाति प्रमाण पत्र सुगमता पूर्वक जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस अवसर पर दिशु कुमार गोंड ने कहा कि मेरे परिवार में पहले से गोंड अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र बना है। पूर्वजों के भूराजस्व अभिलेखों में भी गोंड अंकित है। इसके बावजूद मेरा गोंड जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। इस दौरान प्रमुख रूप से दीशु गोंड, निधि गोंड, अंजेश गोंड, सोनू गोंड, बिट्टू गोंड, राहुल गोंड, धनु गोंड, कृष गोंड, शुभम गोंड, सावित्री गोंड, लक्ष्मी गोंड, शिल्पा गोंड, सुमन गोंड, अनामिका गोंड, सबिता गोंड, सरोज गोंड, श्वेता गोंड, पूनम गोंड इत्यादि उपस्थित रहें।
















