प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण
यूपी80 न्यूज़, लखनऊ
प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके अन्तर्गत बेघर, कच्चे एवं जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाता है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि इस योजना का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों को मिलेगा। किसी भी पात्र परिवार को वंचित नहीं किया जाएगा और अपात्रों को सूची में स्थान नहीं मिलेगा।
आवास प्लस सर्वेक्षण-2018 के आधार पर तैयार सूची में शामिल 36.57लाख परिवारों को आवास मिल चुका है। वर्तमान में पात्र लाभार्थियों के चयन हेतु आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 पूरा हो चुका है। सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा सर्वेक्षण में चिन्हित लाभार्थियों का सत्यापन किया जा रहा है। ग्राम सभा में अनुमोदन के पश्चात स्थायी पात्रता सूची तैयार होगी, जिससे आगे आवास आवंटन किया जाएगा।
ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना के संचालन में पारदर्शिता हेतु जनजागरूकता गतिविधियाँ, ग्राम सभाओं और प्रचार माध्यमों के जरिए लोगो को जानकारी दी गई है। टोल-फ्री नम्बर 1800-180-4042 पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। शिकायतों के निस्तारण हेतु 75 जनपदों में 3 सदस्यीय अपीलीय समिति का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी अथवा नामित अधिकारी करेंगे। इसमें एक गैर-सरकारी सदस्य भी शामिल रहेगा। पात्रता सूची में बदलाव अथवा नाम वरीयता पर विवाद होने पर इस समिति में शिकायत दर्ज करायी जा सकती है।
उपमुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि अपीलिएट कमेटी शिकायतों का त्वरित निस्तारण करे। पात्र लाभार्थी वंचित न रहें तथा अपात्र सूची में न आयें। अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद ग्रामीण परिवारों तक पहुँचे।आयुक्त ग्राम्य विकास जीएस प्रियदर्शी ने सभी जनपदों को अपीलिएट कमेटी गठन के निर्देश दिए थे, जिनका अनुपालन करते हुए समितियाँ गठित कर दी गई हैं। निर्देश दिये गये है कि योजना का क्रियान्वयन निर्धारित गाइड लाइन व दिशा निर्देशो के अनुरूप किया जाय।